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पूर्व डीजीसी के घर डकैती में 20 नामजद और 40 अज्ञात पर रिपोर्ट
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पूर्व डीजीसी के घर डकैती में 20 नामजद और 40 अज्ञात पर रिपोर्ट
आठ फरवरी को कोर्ट ने दिया था आदेश, 11 मार्च को दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। पूर्व डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) राजेंद्र शर्मा के कटरा मोहल्ला स्थित घर में डकैती के मामले में 20 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध कोतवाली नगर में 11 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में शहर के लोकमन दास तिराहा निवासी अविनाश शर्मा आदि लोग शामिल हैं।
वारदात 21 दिसंबर 2020 को हुई थी। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर राजेंद्र शर्मा ने विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आठ फरवरी 2022 को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आदेश जारी कर इसमें पूर्व डीजीसी के घर में घुसकर पिटाई करने, पुत्र को गोली मारकर घायल करने, सोने-चांदी के जेवर और पिस्टल ले जाने के आरोप लगाए गए थे। अपने प्रार्थना पत्रों में उन्होंने तत्कालीन एसडीएम, सीओ सहित 49 नामजद और अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश आठ फरवरी को दिया था।
सीओ सिटी कालू सिंह बोले, न्यायालय से कुछ रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके लिए कोतवाली नगर प्रभारी न्यायालय में उपस्थित हुए। इस कारण रिपोर्ट दर्ज होने में देरी हुई। किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम निकाला नहीं गया है, सभी अज्ञात में हैं। जो विवेचना में सामने आ जाएंगे।
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रिपोर्ट में अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल नहीं, पूर्व डीजीसी कोर्ट में देंगे चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। कोर्ट ने 49 नामजद और अज्ञात पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। बावजूद इसके इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों नाम शामिल नहीं हैं। पूर्व डीजीसी राजेंद्र शर्मा बोले, न्यायालय का आदेश मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए, यह प्रावधान है। जब प्रार्थना पत्र को न्यायालय में स्वीकृत किया गया है तो उसमें दिए गए सभी आरोपियों के नाम रिपोर्ट होनी चाहिए थी। पुलिस ने अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम हटाए हैं। सोमवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर इसे चुनौती देंगे।
यह है मामला : कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, शहर के कटरा मोहल्ला निवासी राजेंद्र शर्मा के मकान पर भूमाफिया अविनाश शर्मा की नजर थी। 21 दिसंबर 2020 को वह कई लोगों को लेकर घर पर चढ़ आया। इसमें तत्कालीन एसडीएम, सीओ, कोतवाली नगर प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। अविनाश ने उनके पुत्र वरुण शर्मा को गोली मारकर घायल कर दिया। वहीं राजेंद्र शर्मा को लात, घूसों सहित रायफल की बटों से पीटा। घर मेें रखी नकदी, सोने- चांदी के जेवर, सीसीटीवी कैमरों का रिकॉर्डर लूट ले गए। इसकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। वहीं पूर्व डीजीसी और परिजन पर जानलेवा हमला व डकैती का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
इन पर दर्ज हुई रिपोर्ट
न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली नगर में लोकमन दास तिराहा निवासी अविनाश शर्मा, अचल शर्मा, गौरव शर्मा, सौरभ शर्मा, दीपक शर्मा, रेखा शर्मा, हर्षित मिश्रा, अर्पित मिश्रा, अरवाज, सलमान, ग्याप्रसाद, कमलेश, रिषभ, सनी, अशोक कुमार गुप्ता, राजीव शर्मा, रमन प्रताप सिंह, रानू जैन, अंशुल जैन, रवेंद्र कुमार जैन सहित 30-40 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था है कि बिना प्रारंभिक जांच के किसी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती है। इस कारण तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम अभियुक्त के कॉलम में नहीं लिखे गए हैं। मेरे स्तर से इस मामले में गहराई से जांच कराई जाएगी। वादी चाहे तो अदालत में चुनौती दे सकते हैं। हम जवाब दाखिल करेंगे।
- उदय शंकर सिंह, एसएसपी
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आठ फरवरी को कोर्ट ने दिया था आदेश, 11 मार्च को दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। पूर्व डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) राजेंद्र शर्मा के कटरा मोहल्ला स्थित घर में डकैती के मामले में 20 नामजद और 30-40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध कोतवाली नगर में 11 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में शहर के लोकमन दास तिराहा निवासी अविनाश शर्मा आदि लोग शामिल हैं।
वारदात 21 दिसंबर 2020 को हुई थी। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर राजेंद्र शर्मा ने विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आठ फरवरी 2022 को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आदेश जारी कर इसमें पूर्व डीजीसी के घर में घुसकर पिटाई करने, पुत्र को गोली मारकर घायल करने, सोने-चांदी के जेवर और पिस्टल ले जाने के आरोप लगाए गए थे। अपने प्रार्थना पत्रों में उन्होंने तत्कालीन एसडीएम, सीओ सहित 49 नामजद और अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश आठ फरवरी को दिया था।
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सीओ सिटी कालू सिंह बोले, न्यायालय से कुछ रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके लिए कोतवाली नगर प्रभारी न्यायालय में उपस्थित हुए। इस कारण रिपोर्ट दर्ज होने में देरी हुई। किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम निकाला नहीं गया है, सभी अज्ञात में हैं। जो विवेचना में सामने आ जाएंगे।
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रिपोर्ट में अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल नहीं, पूर्व डीजीसी कोर्ट में देंगे चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। कोर्ट ने 49 नामजद और अज्ञात पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। बावजूद इसके इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों नाम शामिल नहीं हैं। पूर्व डीजीसी राजेंद्र शर्मा बोले, न्यायालय का आदेश मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए, यह प्रावधान है। जब प्रार्थना पत्र को न्यायालय में स्वीकृत किया गया है तो उसमें दिए गए सभी आरोपियों के नाम रिपोर्ट होनी चाहिए थी। पुलिस ने अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम हटाए हैं। सोमवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर इसे चुनौती देंगे।
यह है मामला : कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, शहर के कटरा मोहल्ला निवासी राजेंद्र शर्मा के मकान पर भूमाफिया अविनाश शर्मा की नजर थी। 21 दिसंबर 2020 को वह कई लोगों को लेकर घर पर चढ़ आया। इसमें तत्कालीन एसडीएम, सीओ, कोतवाली नगर प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। अविनाश ने उनके पुत्र वरुण शर्मा को गोली मारकर घायल कर दिया। वहीं राजेंद्र शर्मा को लात, घूसों सहित रायफल की बटों से पीटा। घर मेें रखी नकदी, सोने- चांदी के जेवर, सीसीटीवी कैमरों का रिकॉर्डर लूट ले गए। इसकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। वहीं पूर्व डीजीसी और परिजन पर जानलेवा हमला व डकैती का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
इन पर दर्ज हुई रिपोर्ट
न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली नगर में लोकमन दास तिराहा निवासी अविनाश शर्मा, अचल शर्मा, गौरव शर्मा, सौरभ शर्मा, दीपक शर्मा, रेखा शर्मा, हर्षित मिश्रा, अर्पित मिश्रा, अरवाज, सलमान, ग्याप्रसाद, कमलेश, रिषभ, सनी, अशोक कुमार गुप्ता, राजीव शर्मा, रमन प्रताप सिंह, रानू जैन, अंशुल जैन, रवेंद्र कुमार जैन सहित 30-40 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था है कि बिना प्रारंभिक जांच के किसी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती है। इस कारण तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम अभियुक्त के कॉलम में नहीं लिखे गए हैं। मेरे स्तर से इस मामले में गहराई से जांच कराई जाएगी। वादी चाहे तो अदालत में चुनौती दे सकते हैं। हम जवाब दाखिल करेंगे।
- उदय शंकर सिंह, एसएसपी