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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Etah: Woman Allegedly Insured After Death, ₹10.78 Lakh Claim Paid to Nominee

गजब का कारनामा: मौत के एक महीने बाद कागजों में जिंदा हुई महिला, 10.78 लाख का बीमा क्लेम भी उठा लिया

Sat, 19 Sep 2026 12:16 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 19 Sep 2026 12:16 PM IST
सार

जलेसर में एक महिला की मौत के करीब एक महीने बाद उसके नाम जीवन बीमा पॉलिसी जारी होने और 10.78 लाख रुपये का क्लेम भुगतान होने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद बीमा कंपनी ने जांच कराई और फर्जीवाड़े के आरोप में प्रस्तावक, नामांकित व्यक्ति समेत सात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
 

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Etah: Woman Allegedly Insured After Death, ₹10.78 Lakh Claim Paid to Nominee
death demo - फोटो : iStock

विस्तार

बीमारी से जूझ रही महिला की मौत के एक माह बाद निजी बीमा कंपनी से बीमा कराने के बाद नॉमिनी व्यक्ति (नामांकित) ने 10.78 लाख रुपये का क्लेम भी हासिल कर लिया। क्लेम दिए जाने के बाद शिकायत पर फर्जीवाड़ा सामने आया। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने जलेसर थाने में प्रस्ताव, नामांकित व्यक्ति सहित सात पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक बड़े मियां दरवाजा रोड, जलेसर निवासी अनीता देवी के नाम से 22 अक्तूबर, 2024 को 10,78245 रुपये की बीमित राशि वाली जीवन बीमा पॉलिसी बंधन लाइफ इंश्योरेंस की ओर से जारी की गई।
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बीमा कराए जाने के वक्त उन्हें स्वस्थ बताते हुए किसी बीमारी, उपचार, अस्पताल में भर्ती होने या नियमित दवा लेने की जानकारी नहीं दी गई। मृत्यु दावा मिलने के बाद कंपनी ने निजी जांच एजेंसी से सत्यापन कराया। एजेंसी ने 30 जनवरी, 2025 को रिपोर्ट दी। इसमें अनीता देवी की मृत्यु 30 नवंबर, 2024 को बीमारी से घर में होने की जानकारी दी गई। इसी रिपोर्ट पर बीमा कंपनी ने 10.78 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान नॉमिनी को कर दिया।
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बीमा से एक माह पहले हो चुकी थी मौत
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि गौरव रावत ने बताया कि क्लेम जारी होने के कुछ समय बाद कंपनी को अनीता देवी की मृत्यु 20 सितंबर, 2024 को होने संबंधी समाचार पत्र की कटिंग समेत नए दस्तावेज मिले। इससे साफ है कि पॉलिसी जारी करवाने से एक माह पहले ही अनीता देवी की मौत हो चुकी थी। जांच में यह भी पता चला कि अनीता देवी मृत्यु से तीन-चार माह पहले से ही अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। उनका इलाज जलेसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नर्सिंग होम में भी कराया गया था। हालांकि इलाज संबंधी रिकॉर्ड नहीं मिला।


दावेदार और एजेंट समेत कई की भूमिका संदिग्ध
जलेसर। कंपनी ने तहरीर में प्रस्तावक, नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति), बीमा एजेंट या मध्यस्थ तथा पॉलिसी जारी करने और दस्तावेज सत्यापन से जुड़े लोगों की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। मृत्यु प्रमाण-पत्र, निकाय के अभिलेख, अस्पताल रिकॉर्ड, बीमा प्रस्ताव, केवाईसी दस्तावेज, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है। प्राथमिकी में किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, सीओ जलेसर
 
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