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खास खबर- पहल: हरिपदी, दरियावगंज झील और रामछितौनी झील का होगा वैज्ञानिक सर्वे

Thu, 03 Sep 2020 11:49 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 11:49 PM IST
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कासगंज सोरों की हरिपदी गंगा। - फोटो : KASGANJ
कासगंज। जिले की दरियावगंज झील, रामछितौनी झील और हरिपदी गंगा का वैज्ञानिक सर्वे होगा। शासन के जीआईएस (जियोग्राफिक्स इन्फोर्मेशन सिस्टम) सेल ने सैटेलाइट से काफी कुछ ब्योरा जुटा लिया है और वन विभाग से रिपोर्ट मांगी है। ब्योरा पूर्ण होने के बाद वैज्ञानिकों की टीम जिले में सर्वे के लिए पहुंचेगी। इसके आधार पर जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए अगली कार्ययोजना तैयार करेगी।
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वन विभाग जिले में पर्यावरण और जलसंरक्षण को लेकर काफी गंभीर है। दरियावगंज झील शासन स्तर पर पहले ही लीडिंग झील के रूप में चिह्नित है। रामछितौनी झील के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी वन विभाग भेज चुका है। इसके अलावा पौराणिक महत्व सहेजे हरिपदी कुंड के संरक्षण को भी वन विभाग ने गंभीरता दिखाई है। दोनों ही झील और हरिपदी के कुंड को वैज्ञानिक सर्वे के लिए चिह्नित किया है।
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शासन के जीआईएस सेल के वैज्ञानिकों की टीम लखनऊ से ही इन तीनों धरोहरों का सैटेलाइट ब्योरा जुटा रही है। काफी हद तक सैटेलाइट का ब्यौरा वन विभाग को भेजकर स्थलीय रिपोर्ट मांगी है। वन विभाग इन तीनों ही चयनित धरोहरों का स्थलीय सर्वेक्षण भी सैटेलाइट ब्योरा के अनुसार कर रही है।
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यह है उद्देश्य
जलीय जीव, पक्षियों के लिए इन चिह्नित धरोहरों का जल कितना उपयोगी है। जल में क्या-क्या तत्व हैं। यह जल किस तरह के जीव और पक्षियों के लिए उपयोगी साबित है। इस सब की जांच के लिए शासन स्तर से अब वैज्ञानिक सर्वे की शुरूआत हुई है।
हरिपदी गंगा- है धार्मिक महत्व
सोरों की हरिपदी गंगा का धार्मिक महत्व है। विशेषता है कि यहां के कुंड में विसर्जित की जाने वाली अस्थियां 24 घंटे में जल में विलय हो जाती हैं। इसके अलावा यहां गंगा स्नान और देव दर्शन करने से जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। इन्हीं सब महत्वों को देखते हुए वन विभाग ने इस हरिपदी कुंड के वैज्ञानिक सर्वे की तैयारी की है।
दरियावगंज और रामछितौनी झील-
इन दोनों ही झीलों का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन धीमे-धीमे अनदेखी के चलते यह झीले अस्तित्व विहिन होने लगीं। दरियावगंज झील लीडिंग झील के रूप में चयनित हो गई। रामछितौनी झील का प्रस्ताव अभी लंबित है, लेकिन दोनों झीलों का वैज्ञानिक सर्वे के लिए चयनित हो जाने से इनके अस्तित्व को बल मिलेगा।

- वैज्ञानिक सर्वे के लिए झीलों व हरिपदी कुंड का चयन कर लिया गया है। जीआईएस के वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट से कुछ हद तक ब्योरा जुटा कर हमें भेजा है। हम उसका धरातल पर सर्वे कर रहे हैं। उसकी रिपोर्ट भेजेंगे। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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