फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   etah police gave wrong report of accused who was in jail

शिकायत निपटाने के नाम पर एटा पुलिस ने सीएम योगी को भी दिया धोखा

Fri, 07 Jul 2017 08:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला एटा
ब्यूरो/अमर उजाला एटा Updated Fri, 07 Jul 2017 08:15 PM IST
विज्ञापन
etah police gave wrong report of accused who was in jail
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
एटा की महिला का पति पिछले डेढ़ साल से जमानत पर जेल के बाहर है, सीबीसीआईडी की जांच भी पूरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस कह रही है कि पति जेल में निरुद्ध है और जांच चल रही है। ये अंश पुलिस की उस जांच रिपोर्ट के हैं, जिसे एसएसपी से लेकर एडीजी तक स्वीकार कर शिकायत का निस्तारण कर दिया। खास बात यह है कि इसमें आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के तथ्यों का जिक्र तक नहीं है।  
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दरबार में पीड़ितों का हुजूम लगने केे पीछे अफसरों की संवेदनहीनता बड़ी वजह है। जैथरा के मोहल्ला गांधी नगर निवासी संतोष देवी ने आईजीआरएस पर 12 अप्रैल को सीबीसीआईडी कानपुर द्वारा डीएम एटा के पत्राचार के बाद आख्या नहीं भेजने की शिकायत की थी। एडीजी आगरा ने 27 अप्रैल तक शिकायत निस्तारण के आदेश दिए, लेकिन तीन महीने में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब सीएम ने आईजीआरएस समीक्षा करने का निर्णय लिया तो खलबली मच गई। 
विज्ञापन


संतोष देवी की शिकायत के तथ्य को नजर अंदाज कर सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने मनगढ़ंत आख्या एएसपी को भेज दी। जांच रिपोर्ट में सीओ ने लिखा कि प्रार्थना पत्र पर अंकित तथ्यों के संबंध में अभिलेखों से पता चला है कि महिला का पति नामजद अभियुक्त है और जेल में निरुद्ध है। विवेचना चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि संतोष देवी ने बताया कि उसका पति मनोज 18 मार्च, 2016 से जमानत पर जेल से बाहर है और सीबीसीआईडी 24 जून 2014 में जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है। महिला का आरोप है कि सीओ की फर्जी जांच रिपोर्ट पर एडीजी स्तर तक शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।  

ये था पूरा मामला

etah police gave wrong report of accused who was in jail
पुलिस - फोटो : demo pic
जैथरा में वर्ष 2011 में तीन लोगों की हत्या हुई थी। तिहरे हत्याकांड में संतोष के पति मनोज समेत डेढ़ दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वारदात के वक्त मनोज पुलिस अफसरों के साथ दूसरे थाना क्षेत्र में होना सामने आया था। इस आधार पर वर्ष 2012 में शासन ने केस वापस लेने के लिए डीएम से रिपोर्ट तलब की। तय बिंदुओं पर रिपोर्ट भेजते हुए डीएम ने सीबीसीआईडी से जांच रिपोर्ट मांगी। डीएम ने एसपी सीबीसीआईडी से आख्या भेजने के लिए कई पत्र लिखे, लेकिन आख्या नहीं दी। इसकी शिकायत संतोष ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराकर सीबीसीआईडी से आख्या दिलाने की मांग अफसरों से की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed