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मुठभेड़ की कहानी: अदालत में अपनी बात साबित नहीं कर पाई एटा पुलिस, नौ साल बाद आरोपी बरी
Thu, 15 Jun 2023 11:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 15 Jun 2023 11:01 PM IST
सार
एटा में नौ साल पहले हुई एक मुठभेड़ में जिन आरोपियों को दबोचकर पुलिसकर्मियों ने खूब वाह वाही बंटोरी थी, उसकी कहानी अदालत में सही साबित नहीं हो पाई। अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
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- फोटो : istock
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में 30 मई 2014 को दो लोगों को पुलिस मुठभेड़ में पकड़कर बंद कर दिया गया। उच्चाधिकारियों को गुडवर्क दिखाकर शाबासी भी पा ली। लेकिन अदालत में कोतवाली नगर पुलिस अपने आरोप को साबित नहीं करा सकी। ऐसे में नौ साल बाद आरोपी युवाओं को अदालत ने बरी कर दिया।
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यहां का है मामला
कोतवाली नगर में पुलिस ने निधौली कलां के गांव रामनगर निवासी विश्व विजय सिंह यादव व अनिल कुमार को पुलिस मुठभेड़ दिखा तमंचा व कारतूस समेत गिरफ्तार कर लिया। जिसमें गिरफ्तारी स्थल शहर में आगरा रोड पर उपाध्याय मेडिकल स्टोर के पास दिखाया गया। 30 मई 2014 को दर्ज हुई एफआईआर के बाद 5 अगस्त 2014 को अदालत में आरोपपत्र भेजा गया।
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बरी हुए आरोपी
21 जनवरी 2015 को अदालत ने संज्ञान लेकर कार्यवाही आरंभ की तो पुलिस अपने सबूतों के माध्यम से आरोपों को साबित नहीं करा सकी। ऐसे में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय द्वितीय कमालुद्दीन ने दोनों आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया। पुलिस द्वारा बरामद दिखाए तमंचे को अपील अवधि गुजरने के बाद विधिनुसार नष्ट करने का आदेश जारी किया।ये भी पढ़ें - UP: खुद की कार से सफर करते हैं तो हो जाएं सावधान! सक्रिय हुआ ये गैंग; रेलवे अधिकारी हुए शिकार