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एटा दरगाह प्रकरण: शत्रु संपत्तियों की जांच शुरू, पालिका से मांगा गया ब्योरा
Sun, 29 May 2022 06:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 29 May 2022 06:00 PM IST
सार
विदेश गए जमींदारों की संपत्तियों पर भी दरगाह समिति के लोगों ने कब्जा कर लिया था। एसडीएम जलेसर ने बताया कि नगर पालिका से पूरा विवरण मंगाया है, जिसकी गहराई से जांच की जाएगी।
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जलेसर में दरगाह पर जुटे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा में जलेसर की दरगाह कमेटी के सदस्यों की जांच का शत्रु संपत्तियों से भी कनेक्शन मिला है, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने नगर पालिका से नगर क्षेत्र की शत्रु संपत्तियों का ब्योरा तलब किया है। कई संपत्तियों को बेचे जाने की आशंका है।
जलेसर में दरगाह सहित अन्य संपत्तियां 18वीं शताब्दी के जमींदार मीर औसाफ अली की बताई जाती हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। जबकि उनके भाई जलेसर छोड़ विदेशों में चले गए। ऐसे में संपत्ति का कोई वारिस नहीं था। धीरे-धीरे कर उनसे जुड़े लोगों ने संपत्तियों को अपने कब्जे में कर लिया। इनमें दरगाह समिति से जुड़े लोगों के पूर्वज भी शामिल थे।
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जलेसर में दरगाह सहित अन्य संपत्तियां 18वीं शताब्दी के जमींदार मीर औसाफ अली की बताई जाती हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। जबकि उनके भाई जलेसर छोड़ विदेशों में चले गए। ऐसे में संपत्ति का कोई वारिस नहीं था। धीरे-धीरे कर उनसे जुड़े लोगों ने संपत्तियों को अपने कब्जे में कर लिया। इनमें दरगाह समिति से जुड़े लोगों के पूर्वज भी शामिल थे।
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विदेश गए भाई की संपत्तियों पर भी कर लिया था कब्जा
इन लोगों ने मीर औसाफ अली सहित उनके विदेश गए भाई की संपत्तियों पर भी अपना कब्जा जमा लिया। यहां तक कि नगर पालिका, राजस्व आदि सरकारी जमीनों को भी नहीं छोड़ा। सरकारी संपत्तियों के साथ ही अब तहसील प्रशासन ने शत्रु संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी है।
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