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एटा: बिना रिन्यूअल के सात वर्ष से चल रहा ब्लड बैंक, स्वास्थ्य विभाग अंजान
Tue, 02 Mar 2021 02:30 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 02 Mar 2021 02:30 PM IST
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एटा का ब्लड बैंक
- फोटो : अमर उजाला
एटा जिला अस्पताल में संचालित जनपद का एक मात्र ब्लड बैंक पिछले सात वर्ष से पंजीकरण का रिन्यूअल कराए बिना चल रहा है। जबकि जिले में कोई नर्सिंग होम, क्लीनिक, लैब यदि बिना पंजीकरण के चलता है तो स्वास्थ्य विभाग उस पर पैनी नजर रखता है।
वर्तमान में 250 यूनिट की क्षमता के सापेक्ष 131 यूनिट रक्त मौजूद है। मांग न होने के कारण ब्लड को 35 दिन की अवधि पूर्ण होने के दस दिन पहले ही अलीगढ़ स्थित जेएनयू मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता है। इसका कारण ज्यादा गंभीर मरीजों को अन्य जिलों में रेफर करना भी है। जिला अस्पताल में 19 के दशक में नेत्र चिकित्सा वार्ड के समीप ब्लड बैंक का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2015 में ब्लड बैंक के पंजीकरण की अवधि समाप्त हो गई, इसके एक वर्ष बाद जब अधिकारियों का इस ओर ध्यान गया तो पंजीकरण को रिन्यूवल कराने के लिए आवेदन किया गया। इसके बाद से किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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ये स्टाफ है तैनात
प्रभारी डॉ. मधुप कौशल, फार्मासिस्ट रविंद्र सचान, लैब टेक्निशियन विक्रम सिंह, सचिन पाठक, कोमल सिंह, काउंसलर रजत सिंह, डाटा एंट्री ऑपरेटर शैलेंद्र चौहान, जेनरेटर इंचार्ज विपिन कुमार, लैब सहायक कपिल शर्मा, सन्नी कुमार, बार्ड ब्वॉय शिव बख्श, मीनेश गुप्ता, स्वीपर अनिल और शनि की यहां पर तैनाती है।
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वर्तमान में इतना यूनिट है ब्लड
ए पॉजीटिव 35
ए निगेटिव 6
बी पॉजीटिव 40
बी निगेटिव 2
एबी पॉजीटिव 11
ओ पॉजीटिव 34
ओ निगेटिव 3
एबी निगेटिव निल
कुल यूनिट ब्लड 131
ब्लड बैंक के पंजीकरण का रिन्यूअल समाप्त हो चुका है, इसकी जानकारी नहीं है। सीएमओ आज अवकाश पर हैं। चार्ज मेरे पास है, उनके आने पर मामला संज्ञान में लाकर रिन्यूवल करवा दिया जाएगा। डॉ. सीएल यादव, कार्यवाहक सीएमओ
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