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विवादों से पुराना है अधिशासी अधिकारी घिरोर का नाता
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मैनपुरी। निलंबित अधिशासी अधिकारी (घिरोर) नीलाभ शाल्या का विवादों से पुराना नाता रहा है। कई बार विवादों की शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंचीं। इसमें एडीएम द्वारा ईओ को चेतावनी पत्र भी जारी किए गए लेकिन इसके बाद भी ईओ की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ।
बीते लगभग एक साल में कई बार अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीलाभ शाल्या का विवाद नगर पंचायत घिरोर के चेयरमैन और सभासदों से हुआ। इससे नगर पंचायत में विकास कार्य बाधित हुए और नगर पंचायत की छवि भी धूमिल हुई। विवाद जिलाधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने एडीएम रामजी मिश्र को मामले में उचित निर्णय लेने के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीएम की ओर से ईओ को चेतावनी पत्र जारी किया गया।
दोबारा जब विवाद और गोशाला में गड़बड़ी की शिकायतें आईं तो जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कठोर रुख अपनाया। उन्होंने निदेशालय स्थानीय निकाय को पत्र लिखकर अधिशासी अधिकारी को हटाने के लिए कहा था। ये पत्र 13 अप्रैल 2022 को शासन को भेजा गया था। कार्रवाई में विलंब के चलते ईओ पद पर बने रहे। अब जब रुपये लेते हुए अधिशासी अधिकारी का वीडियो वायरल हुआ तो आनन-फानन में शासन ने निलंबन की कार्रवाई कर दी।
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समाजसेवियों ने बांटी मिठाई
अधिशासी अधिकारी घिरोर नीलाभ शाल्या के विरुद्ध कई संगठनों और समाजसेवियों ने शिकायतें की थीं। वे लगातार अधिशासी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बुधवार को जब अधिशासी अधिकारी के निलंबन की जानकारी हुई तो उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर मिठाई बांटी। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के जिला महामंत्री डॉ. शिवप्रताप सिंह सिसौदिया, संवेदना फाउंडेशन के संस्थापक धर्मवीर सिंह राही, भाजपा नेता बृजेश सिंह चौहान, केशव सिंह चौहान, आशीष शर्मा, काजी अब्दुल नईम, भुवनेंद्र जैन आदि मौजूद रहे।
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बीते लगभग एक साल में कई बार अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीलाभ शाल्या का विवाद नगर पंचायत घिरोर के चेयरमैन और सभासदों से हुआ। इससे नगर पंचायत में विकास कार्य बाधित हुए और नगर पंचायत की छवि भी धूमिल हुई। विवाद जिलाधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने एडीएम रामजी मिश्र को मामले में उचित निर्णय लेने के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीएम की ओर से ईओ को चेतावनी पत्र जारी किया गया।
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दोबारा जब विवाद और गोशाला में गड़बड़ी की शिकायतें आईं तो जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कठोर रुख अपनाया। उन्होंने निदेशालय स्थानीय निकाय को पत्र लिखकर अधिशासी अधिकारी को हटाने के लिए कहा था। ये पत्र 13 अप्रैल 2022 को शासन को भेजा गया था। कार्रवाई में विलंब के चलते ईओ पद पर बने रहे। अब जब रुपये लेते हुए अधिशासी अधिकारी का वीडियो वायरल हुआ तो आनन-फानन में शासन ने निलंबन की कार्रवाई कर दी।
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समाजसेवियों ने बांटी मिठाई
अधिशासी अधिकारी घिरोर नीलाभ शाल्या के विरुद्ध कई संगठनों और समाजसेवियों ने शिकायतें की थीं। वे लगातार अधिशासी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बुधवार को जब अधिशासी अधिकारी के निलंबन की जानकारी हुई तो उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर मिठाई बांटी। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के जिला महामंत्री डॉ. शिवप्रताप सिंह सिसौदिया, संवेदना फाउंडेशन के संस्थापक धर्मवीर सिंह राही, भाजपा नेता बृजेश सिंह चौहान, केशव सिंह चौहान, आशीष शर्मा, काजी अब्दुल नईम, भुवनेंद्र जैन आदि मौजूद रहे।