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Agra News: मीट एट आगरा में शामिल होंगे 15 देशों के उद्यमी, जूते का बढ़ेगा निर्यात
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मीट एट आगरा के बारे में जानकारी देते एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, उद्यमी पूरन डावर व अन्य।
- फोटो : samvad
आगरा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्टर चैंबर (एफमेक) का तीन दिवसीय मीट एट आगरा का सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में आज से शुभारंभ हो रहा है। इसमें 15 देशों के 8 हजार से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। इससे अमेरिकी टैरिफ के चलते अन्य देशों में जूते का निर्यात बढ़ाने का रास्ता तलाशा जाएगा।
सेंटर में मीडिया से रूबरू एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि इटली, जर्मनी, वियतनाम, ताईवान, थाईलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत करीब 15 देशों के 8 हजार उद्यमी मीट एट आगरा में शामिल होंगे। मेले में जूते से जुड़े सोल, मशीनरी समेत अन्य उद्योगों की 253 स्टॉल लगेंगी। इसका शुभारंभ औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी करेंगे। फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बीच जूता का निर्यात भी प्रभावित हुआ है। इस मेले के जरिये अन्य देशों से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि जूता उद्योग की नई तकनीकी, मशीनरी, डिजाइनिंग समेत कई बिंदुओं पर सेमिनार में चर्चा होगी। उपाध्यक्ष राजेश सहगल और राजीव वासन ने कहा कि मीट एट आगरा से घरेलू जूता उद्योग को भी फायदा पहुंचेगा।
वार्ता में संस्थापक अध्यक्ष दलजीत सिंह, कैप्टन एएस राणा, कुलबीर सिंह, कुलदीप सिंह कोहली, उपेंद्र सिंह लवली, नकुल मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा आदि मौजूद रहे।
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स्थानीय टेक्नीशियन-श्रमिक भी समझेंगे बारीकियां
मीट एट आगरा में स्थानीय कारोबारियों की कंपनियों के टेक्नीशियन और श्रमिकों को भ्रमण कराया जाएगा। तकनीकी आधारित सेमिनार में भी शामिल हो सकेंगे। इससे वे देश-दुनिया में जूता उद्यम में आए तकनीकी बदलाव, डिजाइन के बारे में बारीकियां समझ सकेंगे। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इससे घरेलू उत्पाद को सीधे फायदा पहुंचेगा। तय स्टाफ को मेले में तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
सौर ऊर्जा-अग्निशमन उपकरणों की भी स्टॉल
- मीट एट आगरा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसमें जूता उद्यम के अलावा अग्निशमन उपकरण, सौर ऊर्जा उपकरण समेत अन्य की स्टॉल भी लगाई जाएंगी। ये अप्रत्यक्ष रूप से जूता उद्यम से भी जुड़े हुए हैं। कंपनियों में नई तकनीकी के अग्निशमन उपकरण की जानकारी मिलेगी। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल से बिजली की खपत कम होगी।
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सेंटर में मीडिया से रूबरू एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि इटली, जर्मनी, वियतनाम, ताईवान, थाईलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत करीब 15 देशों के 8 हजार उद्यमी मीट एट आगरा में शामिल होंगे। मेले में जूते से जुड़े सोल, मशीनरी समेत अन्य उद्योगों की 253 स्टॉल लगेंगी। इसका शुभारंभ औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी करेंगे। फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बीच जूता का निर्यात भी प्रभावित हुआ है। इस मेले के जरिये अन्य देशों से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि जूता उद्योग की नई तकनीकी, मशीनरी, डिजाइनिंग समेत कई बिंदुओं पर सेमिनार में चर्चा होगी। उपाध्यक्ष राजेश सहगल और राजीव वासन ने कहा कि मीट एट आगरा से घरेलू जूता उद्योग को भी फायदा पहुंचेगा।
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वार्ता में संस्थापक अध्यक्ष दलजीत सिंह, कैप्टन एएस राणा, कुलबीर सिंह, कुलदीप सिंह कोहली, उपेंद्र सिंह लवली, नकुल मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा आदि मौजूद रहे।
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स्थानीय टेक्नीशियन-श्रमिक भी समझेंगे बारीकियां
मीट एट आगरा में स्थानीय कारोबारियों की कंपनियों के टेक्नीशियन और श्रमिकों को भ्रमण कराया जाएगा। तकनीकी आधारित सेमिनार में भी शामिल हो सकेंगे। इससे वे देश-दुनिया में जूता उद्यम में आए तकनीकी बदलाव, डिजाइन के बारे में बारीकियां समझ सकेंगे। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इससे घरेलू उत्पाद को सीधे फायदा पहुंचेगा। तय स्टाफ को मेले में तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
सौर ऊर्जा-अग्निशमन उपकरणों की भी स्टॉल
- मीट एट आगरा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसमें जूता उद्यम के अलावा अग्निशमन उपकरण, सौर ऊर्जा उपकरण समेत अन्य की स्टॉल भी लगाई जाएंगी। ये अप्रत्यक्ष रूप से जूता उद्यम से भी जुड़े हुए हैं। कंपनियों में नई तकनीकी के अग्निशमन उपकरण की जानकारी मिलेगी। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल से बिजली की खपत कम होगी।