फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Enough of the exam, so please respect : shanta kumar

बहुत हुई परीक्षा, अब सम्मान दीजिए: शांता कुमार

Sat, 13 Dec 2014 02:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Sat, 13 Dec 2014 02:00 PM IST
विज्ञापन
Enough of the exam, so please respect : shanta kumar
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने सेंट पीटर्स कॉलेज में डा. दीपिका उपाध्याय की किताब स्त्री को स्त्री रहने दो के विमोचन के अवसर पर नारी को त्याग और तपस्या की मूरत बताया। कहा कि इतिहास से गलतियां हुईं हैं, समाज पुरुष प्रधान बना रहा। जैन धर्म के सारे तीर्थकर पुरुष थे, हमारे सारे अवतार पुरुष हुए। ऐसा क्यों? युधिष्ठर ने द्रौपदी को दांव पर लगा दिया, सीता को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी। पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता बदलनी होगी, नारी को बराबरी और सम्मान देना होगा।
विज्ञापन

उन्होंने नारी वात्सल्य, प्रेम, संवेदनशीलता और समर्पण का साया है। उन्होंने नारी की तुलना ईश्वर से की क्योंकि वह भी जीवन का सृजन करती है। हिमाचल के पूना जिले का उदाहरण देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पाखंडी हो गए हैं। इस जिले में लड़कियों का अनुपात पूरे सूबे से कम है। माता चिंतपूर्णी को पूजने वाले नगर में यह साफ-साफ कन्या भ्रूण हत्या की ओर इशारा है। बोले, यही नहीं नारी को सिर्फ शरीर रह गई है। बच्चों का बंद कमरों में मोबाइल में झांकना, छोटी बच्चियों से रेप भी भौतिकता का नतीजा हैं। उपाय प्राचीन संस्कृति अपनाना है।
विज्ञापन

पुस्तक लेखिका दीपिका उपाध्याय ने बताया कि निर्भया कांड के बाद उन्हें लिखने का ख्याल आया। किताब में स्त्रियों की दशा पर 39 हस्तियों के विचार हैं। इससे पहले मुख्य अतिथि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, आर्क विशप डा. एल्बर्ट डिसूजा और फादर पॉल थानिकल ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में योगेश हरिहर पुरी, मौलाना उजैर आलम, पंडित केशव दीक्षित, एमएलए योगेंद्र उपाध्याय, प्रो. सुधीर कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
यादव सिंह पर बोले, सब सिकंदर बनने में लगे हैं
शांता कुमार ने कहा कि आधुनिक भौतिकवाद की दौड़ में सबकी कोशिश है कि जैसे-तैसे करोड़पति बन जाएं। एक इंजीनियर ने हजार करोड़ की संपत्ति जुटा ली। सिकंदर बनने वालों को सोचना होगा वह भी खाली लौटा था।   यह लालच नहीं पागलपन है। उन्होंने कहा कि गीता, रामायण, तीर्थस्थान, हर ओर मंदिर फिर भी ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट कहती हैं कि भारत भ्रष्टाचार में अग्रणी हैं। यह कथनी करनी का अंतर है।  


धर्मांतरण पर कलराज ने कहा, नो कमेंट
मुख्य अतिथि कलराज मिश्र से जब पत्रकारों ने आगरा में धर्मांतरण पर सवाल पूछा तो मंत्री ने साफ कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। क्या सरकार के कामकाज में संघ के एजेंडे से दिक्कत आ रही है, तो भी उन्होंने कहा, नो कमेंट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed