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अब टेट्रा पैक में मिलेगी अंग्रेजी शराब
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 20 Feb 2016 01:44 AM IST
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अंग्रेजी शराब के शौकीनों को अब कांच और प्लास्टिक की छोटी बोतलों से छुटकारा मिल जाएगा। ग्राहकों की सुविधा के मद्देनजर आबकारी विभाग शराब की बिक्री अब ‘टेट्रा पैक’ में करेगा। अंग्रेजी शराब की दुकानों पर यह सुविधा एक अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। विकल्प के रूप में फिलहाल कांच की बोतलों का भी प्रयोग होगा लेकिन धीरे-धीरे इन्हें हटा दिया जाएगा।
आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक विदेशी शराब की इकोनामी, मीडियम और रेगुलर श्रेणियों में 180 एमएल की कांच या प्लास्टिक की बोतल की जगह टेट्रा पैक में शराब की आपूर्ति होगी। नई पैकिंग के लिए आबकारी विभाग ने डिस्टलरियों को कुछ विशेष निर्देश भी जारी किए हैं, जिनके तहत टेट्रा पैक पर शेल्फ लाइफ (नई पैकिट में भरी हुई शराब का उपभोग भराई की तारीख से नौ महीने तक ही अनुमन्य होगा) का उल्लेख करना होगा। भरी हुई शराब की मात्रा के उल्लेख के साथ शराब सहित टेट्रा पैक का वजन भी अंकित करना होगा। उपयोग करने से पहले नई पैकिंग की गुणवत्ता और उसमें भरी जानी वाली शराब के बारे में सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरई) या इंडिस्ट्रियल टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर, लखनऊ, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पैकेजिंग, नई दिल्ली की ओर से उपयुक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ट्रेटा पैक छह स्तरीय होगा। आबकारी आयुक्त भवनाथ ने प्रदेश में शराब आपूर्ति करने वाली सभी डिस्टलरियों को आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि टेट्रा पैक में शराब की कर्नाटक सहित कई राज्यों में की जा रही है।
इनबाक्स...
ग्राहक की विश्वसनीयता रहेगी कायम
आगरा। जिला आबकारी अधिकारी एलबी सिंह कहना है कि नई पैकिंग से शराब की क्वालिटी के प्रति ग्राहकों की विश्वसनीयता कायम रहेगी। उन्होंने बताया कि टेट्रा पैक में आई शराब में मिलावट करना आसान नहीं होगा। आम बोतलों की ढक्कनों की सील तोड़कर मिलावट कर दी जाती है और प्लास्टिक में बोतल में इंजेक्शन के माध्यम से मिलावट का खतरा रहता है। टेट्रा पैक में यदि कोई मिलावट करने की कोशिश करेगा पैकिट लीक करने लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि शराब और पेट्रोल ऐसी तरल है जो लीक पैकिट में रुक नहीं सकता है। लीकेज वाली पैक को बेचा नहीं जा सकता है और ना ही कोई ग्राहक उसे खरीदेगा। ट्रेटा पैक का डिस्पोजल की आसानी से हो जाएगा साथ की ग्राहक को इसे कहीं ले जाने और लाने में आसानी होगी। इन पैकिटों में लीकेज की संभावना भी कम होती है।
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ईक्रो फ्र्रेंडली होता है टेट्रा पैक
आगरा। टेट्रा पैक ईको फ्रेंडली होता है। यह लकड़ी, पेपर बोर्ड, एल्यूमीनियम और पालीथाईलीन की लेयर्स से बनाया जाता है। अधिकांश टेट्रा पैक में 74 प्रतिशत कागज, 22 फीसदी पालीथाईलीन और चार फीसदी एल्यूमीनियम का प्रयोग किया जाता है। इनका प्रयोग खाद्य पदार्थों को पैक करने के लिए किया जाता है। देश में तमाम कंपनियां दूध, जूस, घी, तेल सहित तमाम तरल खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए इनका प्रयोग कर रही हैं।
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आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक विदेशी शराब की इकोनामी, मीडियम और रेगुलर श्रेणियों में 180 एमएल की कांच या प्लास्टिक की बोतल की जगह टेट्रा पैक में शराब की आपूर्ति होगी। नई पैकिंग के लिए आबकारी विभाग ने डिस्टलरियों को कुछ विशेष निर्देश भी जारी किए हैं, जिनके तहत टेट्रा पैक पर शेल्फ लाइफ (नई पैकिट में भरी हुई शराब का उपभोग भराई की तारीख से नौ महीने तक ही अनुमन्य होगा) का उल्लेख करना होगा। भरी हुई शराब की मात्रा के उल्लेख के साथ शराब सहित टेट्रा पैक का वजन भी अंकित करना होगा। उपयोग करने से पहले नई पैकिंग की गुणवत्ता और उसमें भरी जानी वाली शराब के बारे में सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरई) या इंडिस्ट्रियल टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर, लखनऊ, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पैकेजिंग, नई दिल्ली की ओर से उपयुक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ट्रेटा पैक छह स्तरीय होगा। आबकारी आयुक्त भवनाथ ने प्रदेश में शराब आपूर्ति करने वाली सभी डिस्टलरियों को आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि टेट्रा पैक में शराब की कर्नाटक सहित कई राज्यों में की जा रही है।
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ग्राहक की विश्वसनीयता रहेगी कायम
आगरा। जिला आबकारी अधिकारी एलबी सिंह कहना है कि नई पैकिंग से शराब की क्वालिटी के प्रति ग्राहकों की विश्वसनीयता कायम रहेगी। उन्होंने बताया कि टेट्रा पैक में आई शराब में मिलावट करना आसान नहीं होगा। आम बोतलों की ढक्कनों की सील तोड़कर मिलावट कर दी जाती है और प्लास्टिक में बोतल में इंजेक्शन के माध्यम से मिलावट का खतरा रहता है। टेट्रा पैक में यदि कोई मिलावट करने की कोशिश करेगा पैकिट लीक करने लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि शराब और पेट्रोल ऐसी तरल है जो लीक पैकिट में रुक नहीं सकता है। लीकेज वाली पैक को बेचा नहीं जा सकता है और ना ही कोई ग्राहक उसे खरीदेगा। ट्रेटा पैक का डिस्पोजल की आसानी से हो जाएगा साथ की ग्राहक को इसे कहीं ले जाने और लाने में आसानी होगी। इन पैकिटों में लीकेज की संभावना भी कम होती है।
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ईक्रो फ्र्रेंडली होता है टेट्रा पैक
आगरा। टेट्रा पैक ईको फ्रेंडली होता है। यह लकड़ी, पेपर बोर्ड, एल्यूमीनियम और पालीथाईलीन की लेयर्स से बनाया जाता है। अधिकांश टेट्रा पैक में 74 प्रतिशत कागज, 22 फीसदी पालीथाईलीन और चार फीसदी एल्यूमीनियम का प्रयोग किया जाता है। इनका प्रयोग खाद्य पदार्थों को पैक करने के लिए किया जाता है। देश में तमाम कंपनियां दूध, जूस, घी, तेल सहित तमाम तरल खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए इनका प्रयोग कर रही हैं।