{"_id":"5d9b0a448ebc3e012f2816e2","slug":"engineering-students-will-adopt-villages-for-development-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अच्छी खबर: गांव को गोद लेकर उन्नत बनाने के लिए काम करेंगे इंजीनियरिंग छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अच्छी खबर: गांव को गोद लेकर उन्नत बनाने के लिए काम करेंगे इंजीनियरिंग छात्र
Mon, 07 Oct 2019 03:19 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 07 Oct 2019 03:19 PM IST
विज्ञापन
किसान
- फोटो : PTI
अब इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं गांवों को उन्नत बनाने के लिए काम करेंगे। प्रत्येक संस्थान को पांच-पांच गांवों को गोद लेना है। आगरा जिले में कुछ संस्थानों ने गांवों को चिह्नित कर सर्वे शुरू भी कर दिया है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से एप्रूव्ड सभी इंजीनियरिंग संस्थानों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के उन्नत भारत अभियान के गांवों में काम करना है। इसके लिए मंत्रालय ने प्रत्येक संस्थान को 50,000 रुपये का बजट भी दिया गया है।
संस्थानों को पहले पांच गांवों को चयन करना है। इसके बाद गांवों में सर्वे कराकर वहां की समस्याएं पता करनी हैं। समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में कार्य भी करना है। सर्वे के लिए मंत्रालय ने फॉर्मेट भी उपलब्ध कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से एप्रूव्ड सभी इंजीनियरिंग संस्थानों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के उन्नत भारत अभियान के गांवों में काम करना है। इसके लिए मंत्रालय ने प्रत्येक संस्थान को 50,000 रुपये का बजट भी दिया गया है।
विज्ञापन
संस्थानों को पहले पांच गांवों को चयन करना है। इसके बाद गांवों में सर्वे कराकर वहां की समस्याएं पता करनी हैं। समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में कार्य भी करना है। सर्वे के लिए मंत्रालय ने फॉर्मेट भी उपलब्ध कराया है।
विज्ञापन
Trending Videos
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में संचालित इंजीनियरिंग संस्थान ने गांव के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी। शहर के आसपास के गांवों को देखा जा रहा है। गांव को गोद लेकर वहां की समस्या के आधार पर कार्ययोजना बनाकर काम किया जाना है।
हर ब्रांच गोद लेगी एक गांव
आरबीएस कैंपस ने काम शुरू किया
हर ब्रांच गोद लेगी एक गांव
‘संस्थान में इंजीनियरिंग की पांच ब्रांच है। प्रत्येक ब्रांच को एक-एक गांव गोद दिया जाएगा। गांवों की प्रगति रिपोट भी एमएचआरडी को भेजी जाएगी।’ - प्रो. वीके सारस्वत, निदेशक, आईईटी, आंबेडकर विश्वविद्यालय
आरबीएस कैंपस ने काम शुरू किया
उनके संस्थान ने पांच गांवों का चयन करके निर्धारित फार्मेट पर सर्वे का काम शुरू भी कर दिया है। रिपोर्ट एमएचआरडी को भेजी जाएगी। वहां से आगे के लिए जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उस पर काम किया जाएगा। - डॉ. बृजेश कुशवाहा, निदेशक, आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी