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ललित कला संस्थान के पाठ्यक्रम दे रहे रोजगार के अवसर
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित इतिहास एवं संस्कृति विभाग के भवन में ललित कला संस्थान संचालित है। इसमें पढ़ाए जाने वाले सभी पाठ्यक्रम रोजगारपरक हैं। छात्र-छात्राएं नौकरी में जाने साथ अपना काम भी करते हैं।
संस्थान की निदेशिका डॉ. इंदु जोशी ने बताया कि संस्थान के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dbrau.org.in पर जाकर वेब रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहीं से संस्थान में प्रवेश के लिए आवेदन फार्म भी भरना होगा। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (बीएफए) और मास्टर ऑफ फाइनल आर्ट में पेंटिंग, अप्लाइड आर्ट, मूर्तिकला, भारतीय संगीत, थिएटर और डांस विषय हैं। इन विषयों के अलावा फोटोग्राफी में भी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकते हैं। प्रवेश के संबंध में जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं 9412810319, 7668064190 मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम सीटें शुल्क
बीएफए (पेंटिंग) 25 20,475
बीएफए (अप्लाइड आर्ट) 25 20,475
बीएफए (मूर्तिकला) 10 20,475
बीएफए (भारतीय संगीत) 10 20,475
बीएफए (थिएटर/डांस) 10/10 20,475
एमएफए (पेंटिंग) 20 30,475
एमएफए (अप्लाइड आर्ट) 20 30,475
एमएफए (मूर्तिकला) 20 30,475
एमएफए (भारतीय संगीत) 10 30,475
एमएफए (थिएटर/डांस) 10/10 30,475
आगरा। सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम पेंटिंग, अप्लाइड आर्ट (डिजिटल डिजाइन/फोटोग्राफी), मूर्तिकला, फैशन डिजाइनिंग में संचालित हैं। सभी में 40-40 सीटें हैं। भारतीय संगीत (स्वर एवं वाद्य) और थिएटर एवं डांस में 30-30 सीटें हैं।
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आगरा। एमएफए करने के बाद सीधे शिक्षक बन सकते हैं। इंटर कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए एमएफए मान्य है। इसके लिए बीएड, बीटीसी या टेट करने की जरूरत नहीं होती है।
आगरा। ललित कला संस्थान की स्थापना विश्वविद्यालय के सिविल लाइंस परिसर में वर्ष 2000 में हुई थी। ललित कला संस्कृति भवन के निर्माण के लिए पुराना भवन ध्वस्त कर दिया गया। वर्तमान में संस्थान के पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रथम तल पर संचालित है। इसी वर्ष संस्थान के चार मंजिला नए ललित कला संस्कृति भवन में स्थानांतरित होने की उम्मीद है।
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संस्थान की निदेशिका डॉ. इंदु जोशी ने बताया कि संस्थान के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dbrau.org.in पर जाकर वेब रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहीं से संस्थान में प्रवेश के लिए आवेदन फार्म भी भरना होगा। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (बीएफए) और मास्टर ऑफ फाइनल आर्ट में पेंटिंग, अप्लाइड आर्ट, मूर्तिकला, भारतीय संगीत, थिएटर और डांस विषय हैं। इन विषयों के अलावा फोटोग्राफी में भी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकते हैं। प्रवेश के संबंध में जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं 9412810319, 7668064190 मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
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पाठ्यक्रम सीटें शुल्क
बीएफए (पेंटिंग) 25 20,475
बीएफए (अप्लाइड आर्ट) 25 20,475
बीएफए (मूर्तिकला) 10 20,475
बीएफए (भारतीय संगीत) 10 20,475
बीएफए (थिएटर/डांस) 10/10 20,475
एमएफए (पेंटिंग) 20 30,475
एमएफए (अप्लाइड आर्ट) 20 30,475
एमएफए (मूर्तिकला) 20 30,475
एमएफए (भारतीय संगीत) 10 30,475
एमएफए (थिएटर/डांस) 10/10 30,475
आगरा। सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम पेंटिंग, अप्लाइड आर्ट (डिजिटल डिजाइन/फोटोग्राफी), मूर्तिकला, फैशन डिजाइनिंग में संचालित हैं। सभी में 40-40 सीटें हैं। भारतीय संगीत (स्वर एवं वाद्य) और थिएटर एवं डांस में 30-30 सीटें हैं।
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आगरा। एमएफए करने के बाद सीधे शिक्षक बन सकते हैं। इंटर कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए एमएफए मान्य है। इसके लिए बीएड, बीटीसी या टेट करने की जरूरत नहीं होती है।
आगरा। ललित कला संस्थान की स्थापना विश्वविद्यालय के सिविल लाइंस परिसर में वर्ष 2000 में हुई थी। ललित कला संस्कृति भवन के निर्माण के लिए पुराना भवन ध्वस्त कर दिया गया। वर्तमान में संस्थान के पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रथम तल पर संचालित है। इसी वर्ष संस्थान के चार मंजिला नए ललित कला संस्कृति भवन में स्थानांतरित होने की उम्मीद है।