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Agra News: कर्मचारी बने मतदान अधिकारी, गांवों में गंदगी के ढेर
Tue, 30 Apr 2024 10:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 30 Apr 2024 10:47 PM IST
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कर्मचारी बने मतदान अधिकारी, गांवों में गंदगी के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी मतदान अधिकारी बनाए गए हैं। इसके चलते ग्रामीण सफाईकर्मी अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। सफाई नहीं होने से गांवों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन केे तहत हर गांव में सफाईकर्मी हैं। जिनकी जिम्मेदारी गांव में सफाई करने की है। देहात में सफाई कर्मी पहले से ही निरंकुश हैं। गांव में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी के ढ़ेर चारों ओर नजर आते हैं। ग्रामीणों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण सफाई कर्मचारी पहले से ही मनमानी कर रहे हैं। अब तो उन्होंने चुनाव के नाम पर गांव में काम करना ही बंद कर दिया है।
जिले में 750 सफाईकर्मी हैं। लोकसभा चुनाव कराने के लिए उनको मतदान अधिकारी तृतीय की जिम्मेदारी दी गई है। चुनाव ड्यूटी के नाम पर अब ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांव में सफाई ही नहीं कर रहे हैं। देहात क्षेत्र के उजागर लाल, सोनेलाल, मातादीन, प्रेमचंद्र, अनार सिंह, बलवीर सिंह, दाताराम, सुनहरी लाल का कहना है सफाई कर्मचारी पहले से ही निरंकुश थे। अब वह चुनाव ड्यूटी और प्रशिक्षण के नाम पर मनमानी कर रहे हैं।
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चुनाव में ग्रामीण सफाई कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन शेष दिनों में गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को गांव में नियमित सफाई करनी चाहिए। जो ग्रामीण सफाई कर्मचारी मनमानी करेगा उसका वेतन रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तुलसीराम विश्वकर्मा, डीपीआरओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी मतदान अधिकारी बनाए गए हैं। इसके चलते ग्रामीण सफाईकर्मी अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। सफाई नहीं होने से गांवों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन केे तहत हर गांव में सफाईकर्मी हैं। जिनकी जिम्मेदारी गांव में सफाई करने की है। देहात में सफाई कर्मी पहले से ही निरंकुश हैं। गांव में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी के ढ़ेर चारों ओर नजर आते हैं। ग्रामीणों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण सफाई कर्मचारी पहले से ही मनमानी कर रहे हैं। अब तो उन्होंने चुनाव के नाम पर गांव में काम करना ही बंद कर दिया है।
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जिले में 750 सफाईकर्मी हैं। लोकसभा चुनाव कराने के लिए उनको मतदान अधिकारी तृतीय की जिम्मेदारी दी गई है। चुनाव ड्यूटी के नाम पर अब ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांव में सफाई ही नहीं कर रहे हैं। देहात क्षेत्र के उजागर लाल, सोनेलाल, मातादीन, प्रेमचंद्र, अनार सिंह, बलवीर सिंह, दाताराम, सुनहरी लाल का कहना है सफाई कर्मचारी पहले से ही निरंकुश थे। अब वह चुनाव ड्यूटी और प्रशिक्षण के नाम पर मनमानी कर रहे हैं।
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चुनाव में ग्रामीण सफाई कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन शेष दिनों में गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को गांव में नियमित सफाई करनी चाहिए। जो ग्रामीण सफाई कर्मचारी मनमानी करेगा उसका वेतन रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तुलसीराम विश्वकर्मा, डीपीआरओ