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कॉल पर नहीं आए ईएमओ, आधा घंटा दर्द से तड़पता रहा मरीज

Tue, 12 Jul 2022 11:27 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 11:27 PM IST
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Emo did not come on call, patient was suffering for half an hour
मैनपुरी। जिला अस्पताल में चिकित्सीय सेवाएं देने में डॉक्टर मनमानी कर रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत बिगड़ गई। वह आधा घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन वार्ड ब्वाय की कॉल के बाद भी ईएमओ उसे इलाज देने नहीं पहुंचे। हालत ज्यादा खराब हुई तो वार्ड ब्वाय ने प्रभारी सीएमएस को जानकारी दी। इसके बाद प्रभारी सीएमएस ने मरीज को उपचार दिया, जिससे उसकी जान बच सकी।
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भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मिलकिया निवासी 65 वर्षीय रामचंद्र पेटदर्द और सांस लेने की दिक्कत के चलते जिला अस्पताल के इंडोर वार्ड में भर्ती हैं। मंगलवार की सुबह आठ बजे रामचंद्र की हालत बिगड़ी तो अस्पताल के इंडोर में तैनात वार्ड ब्वाय हरिकिशन स्टाफ नर्स के कहने पर इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के पास कॉल लेकर पहुंचे। हरिकिशन ने डॉक्टर को बताया कि मरीज को पेट दर्द के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वह अंतिम सांसों में पहुंच गया है, उसे चलकर देख लें। वार्ड ब्वॉय के कहने के बाद भी ईएमओ का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने मरीज को देखने से मना कर दिया।
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वार्ड ब्वॉय ने लौटकर मरीज की हालत देखी तो मरीज की हालत और बिगड़ गई थी। वार्ड ब्वाय ने तुरंत जानकारी प्रभारी सीएमएस डॉ. जेजे राम को दी। डॉ. जेजे राम ने मौके पर पहुंचकर मरीज को उपचार दिया। मरीज को तुरंत आक्सीजन लगवाई गई। इसके बाद मरीज होश में आ गया। अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि ईएमओ मरीजों को देखने में आनाकानी करते हैं। वहीं डॉक्टर डॉ. ज्ञानेंद्र गुप्ता का कहना है वार्ड ब्वाय मेरे पास आया और कहा कि इंडोर में राउंड कर लो। मैं इमरजेंसी में मरीज देख रहा था, राउंड की मेरी ड्यूटी नहीं है। उसने मरीज के संबंध में जानकारी नहीं दी थी।
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गंभीर मरीज को कॉल पहुंचते ही देखने का है आदेश
शासनादेश के तहत अस्पताल में तैनात किसी भी डॉक्टर के पास यदि स्टाफ नर्स द्वारा कॉल भेजी जाती है तो उसे गंभीर मरीज को सभी काम छोड़कर देखना चाहिए। जिला अस्पताल में इसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। ईएमओ ने शासनादेश का पालन न करते हुए कॉल के बाद भी मरीज को देखने से मना कर दिया। अगर उसे समय से इलाज नहीं मिला होता तो उसकी जान जा सकती थी।

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मरीज की हालत थी गंभीर
वार्ड ब्वॉय ने मरीज के संबंध में जानकारी दी तो मैंने डॉ. डीके शाक्य से उपचार दिलाया। इसके बाद मैं स्वयं मरीज के पास पहुंचा और उसे उपचार दिया। मरीज की हालत गंभीर थी, हालांकि उपचार के बाद सुधार है। ईएमओ के कॉल स्वीकार न करने की बात संज्ञान में आई है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
डॉ. जेजे राम, प्रभारी सीएमएस
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