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UP: सड़कों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी अनुपालन रिपोर्ट; दो मार्च तक दिया समय
Wed, 22 Jan 2025 09:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 22 Jan 2025 09:56 AM IST
सार
सड़कों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी पर सुप्रीम कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए सड़क सुरक्षा कमेटी दो मार्च तक समय दिया गया है। प्रस्तुत करेगी अपनी रिपोर्ट
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में सड़क नियमों के उल्लंघन पर 17 अगस्त 2021 को ई-चालान का प्रावधान लागू होने के बाद भी राज्यों ने अभी तक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के लिए व्यवस्थाएं नहीं की हैं। रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट केसी जैन की सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर 20 जनवरी को सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अभय एस ओका एवं न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुआन की पीठ ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के इंतजाम के संबंध में अनुपालन आख्या मांगी है।
इन प्रावधानों के तहत स्पीड कैमरा, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गन, बाॅडीवाॅर्न कैमरा, डेशबोर्ड कैमरा, आटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली जैसे उपकरणों को अनिवार्य किया गया है। न्यायालय ने पूर्व में नियुक्त सुप्रीम कोर्ट रोड सुरक्षा कमेटी से भी यह अनुरोध किया कि वह सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बात करें। अपनी स्टेटस रिपोर्ट 2 मार्च तक प्रस्तुत करें। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
अधिवक्ता जैन ने बताया कि सड़क सुरक्षा के अन्य मुद्दों को लेकर दायर की गईं याचिकाओं पर सुनवाई 31 जनवरी को होगी। इनमें ट्रांसपोर्ट वाहनों में स्पीड गवर्नर, सड़क के गड्ढों के कारण हुईं मौत या चोट के लिए मुआवजा, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहनों की ब्रिक्री पर रोक आदि बिंदुओं पर सुनवाई होगी।
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इन प्रावधानों के तहत स्पीड कैमरा, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गन, बाॅडीवाॅर्न कैमरा, डेशबोर्ड कैमरा, आटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली जैसे उपकरणों को अनिवार्य किया गया है। न्यायालय ने पूर्व में नियुक्त सुप्रीम कोर्ट रोड सुरक्षा कमेटी से भी यह अनुरोध किया कि वह सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बात करें। अपनी स्टेटस रिपोर्ट 2 मार्च तक प्रस्तुत करें। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
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अधिवक्ता जैन ने बताया कि सड़क सुरक्षा के अन्य मुद्दों को लेकर दायर की गईं याचिकाओं पर सुनवाई 31 जनवरी को होगी। इनमें ट्रांसपोर्ट वाहनों में स्पीड गवर्नर, सड़क के गड्ढों के कारण हुईं मौत या चोट के लिए मुआवजा, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहनों की ब्रिक्री पर रोक आदि बिंदुओं पर सुनवाई होगी।
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