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बिजली: कनेक्शन कटा 2001 में, बिल अब तक
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Tue, 04 Aug 2015 02:18 AM IST
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का कारनामा ऐसा कि 8 साल से उपभोक्ता चक्कर लगाते हुए परेशान हैं लेकिन न मामला खत्म हो रहा है और न ही कोई कार्रवाई। 2001 में जिस कनेक्शन को काट दिया गया, उसका सवा तीन लाख रुपये का बिल अब तक जारी है। उपभोक्ता पर टोरंट के बिल में दक्षिणांचल का बकाया जमा करने को दबाव डाला जा रहा है।
कटरा हाजी हसन, काला महल निवासी अशोक अग्रवाल आठ साल से परेशान हैं। उन्होंने साल 2004 में घर खरीदा, जिसकी विद्युत विभाग से पीडीसी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) 2001 में ही हो चुकी थी। अशोक अग्रवाल के निवास पर पहले मौजूद कनेक्शन नंबर 464/036196 को 24 अक्तूबर 2001 में ही कटवा दिया था। नवल लाल वर्मानी के नाम से इस कनेक्शन पर दक्षिणांचल का 3,20,190 रुपये का बकाया बिल आया तो अशोक अग्रवाल चौंक गए। 8 साल से वह पहले दक्षिणांचल और अब टोरंट अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। अशोक अग्रवाल ने आगरा फोर्ट स्थित अधिशासी अभियंता को भी शिकायत दर्ज कराई है कि विद्युत कर्मचारी उन्हें बिल जमा करने के लिए धमका रहे हैं, जबकि पीडीसी पहले ही हो चुकी है।
उन्हाेंने दक्षिणांचल के अधिकारियों से भी मुलाकात की है, लेकिन पीडीसी कनेक्शन के बाद बिल भेजने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो पाई। अशोक ऐसे अकेले उपभोक्ता नहीं है, जिनके पास पीडीसी के बाद भी बिल आ रहे हैं। शहर में हजारों उपभोक्ता टोरंट और दक्षिणांचल के बीच ऐसे मामलों में चक्कर लगाकर परेशान हैं।
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कटरा हाजी हसन, काला महल निवासी अशोक अग्रवाल आठ साल से परेशान हैं। उन्होंने साल 2004 में घर खरीदा, जिसकी विद्युत विभाग से पीडीसी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) 2001 में ही हो चुकी थी। अशोक अग्रवाल के निवास पर पहले मौजूद कनेक्शन नंबर 464/036196 को 24 अक्तूबर 2001 में ही कटवा दिया था। नवल लाल वर्मानी के नाम से इस कनेक्शन पर दक्षिणांचल का 3,20,190 रुपये का बकाया बिल आया तो अशोक अग्रवाल चौंक गए। 8 साल से वह पहले दक्षिणांचल और अब टोरंट अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। अशोक अग्रवाल ने आगरा फोर्ट स्थित अधिशासी अभियंता को भी शिकायत दर्ज कराई है कि विद्युत कर्मचारी उन्हें बिल जमा करने के लिए धमका रहे हैं, जबकि पीडीसी पहले ही हो चुकी है।
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उन्हाेंने दक्षिणांचल के अधिकारियों से भी मुलाकात की है, लेकिन पीडीसी कनेक्शन के बाद बिल भेजने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो पाई। अशोक ऐसे अकेले उपभोक्ता नहीं है, जिनके पास पीडीसी के बाद भी बिल आ रहे हैं। शहर में हजारों उपभोक्ता टोरंट और दक्षिणांचल के बीच ऐसे मामलों में चक्कर लगाकर परेशान हैं।
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