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आगरा: पुलिस, प्रशासन सहित 15 विभागों पर 125 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया, वसूली के नोटिस जारी

Thu, 24 Feb 2022 10:37 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 24 Feb 2022 10:37 AM IST
सार

आगरा में पुलिस प्रशासन समेत 15 सरकारी विभाग डीवीवीएनएल के कर्जदार हैं। इन विभागों ने करीब 125 करोड़ रुपये का बिजली बिल नहीं चुकाया है। डीवीवीएनएल ने बकाया वसूली के लिए नोटिस जारी किए हैं। 

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Electricity bill arrears of Rs 125 crore on 15 departments in agra
डीवीवीएनएल आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा व शिक्षा सहित 15 सरकारी विभागों पर बिजली बिल का 125 करोड़ रुपये बकाया है। बकाया नहीं चुकाने पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) ने वसूली के लिए नोटिस जारी किए हैं। उधर, बकाएदारी से मंडल की ग्रेडिंग प्रभावित होने पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने भी नाराजगी जताई है।

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सबसे ज्यादा पंचायती राज पर बकाया

सबसे ज्यादा बकाया पंचायती राज विभाग पर 76.96 करोड़ रुपये है। जिसमें जल निगम द्वारा हैंडओवर की गई टीटीएसपी टंकियां शामिल हैं। दो साल से अधिक समय से इनका बिल नहीं भरा गया। ग्राम पंचायतों में बने कार्यालयों पर 9.90 करोड़ रुपये का बिल है। इनके अलावा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों ने भी बिल जमा नहीं किया है। प्राथमिक शिक्षा विभाग पर 32.04 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा विभाग पर 5.73 करोड़ रुपये का बकाएदारी नोटिस जारी है।

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डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता वितरण मनोज कुमार पाठक ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 तक के बकाएदार विभागों को बिल जमा कराने को कहा है। विभागध्यक्षों को उपलब्ध धनराशि के अनुसार बिलों का भुगतान करना है। जिसकी समीक्षा मंडलायुक्त स्तर से होगी। 

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बकाएदार विभागों की सूची जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को भेजी गई है। बिजली बकाया वसूली नहीं होने के कारण आगरा की प्रगति ग्रेडिंग खराब है। जिसे लेकर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए विभागध्यक्षों को चेतावनी जारी की है। एक महीने बाद दोबारा समीक्षा की बात कही है। वहीं, इस संबंध में डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अमित किशोर का कहना है कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली के स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

हर महीने 239 करोड़ रुपये का अंतर

डीवीवीएनएल हर महीने करीब 925 करोड़ रुपये की बिजली खरीदता है। जिसके सापेक्ष 686 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली होती है। यानी हर माह 239 करोड़ रुपये का अंतर है। 21 जिलों में 56.46 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। जिनमें 5.50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर करीब पांच हजार करोड़ रुपया बकाया है। 

ये विभाग हैं बड़े बकाएदार

  • पंचायती राज    : 76.96 करोड़ रुपये
  • प्राथमिक शिक्षा    : 32.04 करोड़ रुपये
  • माध्यमिक शिक्षा    : 5.73 करोड़ रुपये
  • वन विभाग    : 42.57 लाख रुपये
  • पुलिस विभाग    : 41.64 लाख रुपये
  • ग्राम्य विकास    : 35.33 लाख रुपये
  • पशु चिकित्सालय    : 29.21 लाख रुपये
  • जिला प्रशासन    : 28.79 लाख रुपये
  • सहकारी समितियां    : 13.25 लाख रुपये
  • समाज कल्याण    : 5.01 लाख रुपये
  • पीडब्ल्यूडी    : 4.94 लाख रुपये
  • सिंचाई विभाग    : 4.45 लाख रुपये
  • चिकित्सा विभाग    : 3.88 करोड़ रुपये
  • पर्यटन विभाग    : 2.32 लाख रुपये
  • भूमि विकास    : 1.60 लाख रुपये
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