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बुजुर्गों का दर्द: दूसरी बार भी जिंदगी दे गई धोखा, अपनों ने फिर तोड़ा भरोसा...दोबारा लौटे आश्रम

Fri, 19 Dec 2025 10:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 19 Dec 2025 10:27 AM IST
सार

जिंदगी ने जब दूसरी बार दगा किया तो इस बार आंसू भी थक गए। रामलाल वृद्ध आश्रम के एक कमरे के कोने में बैठे बेघर माता-पिता यादों के साये में घर की खुशियां तलाश रहे है। बच्चों की सलामती की दुआ इनके लबों पर अब भी जिंदा है।

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Elderly Return to Old Age Homes After Betrayal by Their Own Children
रामलाल वृद्धाश्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के कमला नगर निवासी विद्या देवी (90 वर्षीय) कहती हैं कि पति गोपी चरण अग्रवाल की शहर में फैक्टरी थी। चार बेटे और बहू का परिवार है। पति के जाने के बाद सभी बच्चों ने संपत्ति बेच दी और अलग-अलग फैक्टरी तो खोल लीं, लेकिन मां को रखने को तैयार नहीं हुए। वह वृद्धाश्रम रहने लगी। एक वर्ष पहले बेटे और बहन घर वापस ले गए। वहां जाने के बाद फिर से वही दुर्व्यवहार, घर के काम कराना आदि मुश्किलें होने लगीं थीं। सभी को बोझ लगने लगीं तो वापस वृद्धाश्रम में रहने लगीं।
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15 साल से आश्रम में काट रहीं जिंदगी
फतेहपुर सीकरी निवासी सीमा मंगल (70 वर्षीय) कहती हैं कि 15 वर्ष पहले पति के निधन के बाद बेटे और बहू के साथ रहीं। पास बैठने पर दुर्गंध का हवाला देकर कमरे में बंद कर देते थे। खाना भी नहीं देते थे, ऐसे में एक परिचित ने वृद्धाश्रम पहुंचाया। 15 साल तक कई वृद्धाश्रमों में रहीं। एक साल पहले बेटा आया और घर वापस ले गया, लेकिन बहू ने फिर रहने नहीं दिया। अब दोबारा आश्रम में रहने आ गईं।
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जिस घर को बसाया, उसी से बेदखल
ग्वालियर निवासी गोपीचंद शर्मा (86 वर्षीय) कहते हैं कि घर में दो बेटे और एक बेटी है। जिस घर को बनाने में पूरी जिंदगी लगा दी उसी घर से बेदखल कर दिया। बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी कर जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन बुढ़ापे में घर के लिए बोझ बन गए तो वृद्धाश्रम की शरण ले ली। घर वापस गए, लेकिन कोई बदलाव न देखकर वापस आश्रम लौट आए। यही कहानी मथुरा के रोशन सिंह चौधरी (84 वर्षीय) की है। उनके तीन बेटे हैं, पर साथ रखने को तैयार नहीं। सात माह से आश्रम रह रहे हैं। वह कहते हैं कि तीन बेटों के पिता होकर भी अगर अकेला मरने को मजबूर हैं। इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है।
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