{"_id":"5e46f07b8ebc3ee5ab6ad65c","slug":"eight-thieves-arrested-for-bsnl-cable-stolen-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आठ चोरों ने एक साल में बीएसएनएल को लगाया 80 लाख का चूना, चौंकाने वाला है यह मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ चोरों ने एक साल में बीएसएनएल को लगाया 80 लाख का चूना, चौंकाने वाला है यह मामला
Sat, 15 Feb 2020 12:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:40 AM IST
सार
आगरा के सूरसदन पर बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) की अंडरग्राउंड केबल चोरी करते पकड़े गए आठ चोरों ने एक साल में विभाग को 80 लाख का चूना लगाया है।
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पकड़े गए चोर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यह गिरोह थाना जगदीशपुरा और शाहगंज क्षेत्र में भी केबल चोरी कर चुका था। पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी मिली है। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए।
एमजी रोड स्थित सूरसदन चौराहे से बुधवार रात को बीएसएनएल की केबल चोरी करते आठ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। वह हेलमेट और मजदूरों वाली जैकेट पहनकर केबल चोरी कर रहे थे। जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर क्रेन की मदद से केबल को खींचा जा रहा था।
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद राहित, बिहार निवासी आशिक, मोहम्मद मुस्ताक आलम, नरायच निवासी विनय यादव, विपिन यादव, राजेश, फिरोजाबाद निवासी सतीश हैं।
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एमजी रोड स्थित सूरसदन चौराहे से बुधवार रात को बीएसएनएल की केबल चोरी करते आठ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। वह हेलमेट और मजदूरों वाली जैकेट पहनकर केबल चोरी कर रहे थे। जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर क्रेन की मदद से केबल को खींचा जा रहा था।
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थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद राहित, बिहार निवासी आशिक, मोहम्मद मुस्ताक आलम, नरायच निवासी विनय यादव, विपिन यादव, राजेश, फिरोजाबाद निवासी सतीश हैं।
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कैंटर में रखकर ले जाते थे केबल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मुस्तफा, मुस्ताक और रोहित कबाड़े का काम करते हैं। गिरोह दिन के समय बीएसएनएल की केबल बिछी होने के बारे में पता कर लेता है। रात के समय विभाग के मजदूरों की तरह जाते हैं।
क्रेन और जेसीबी की मदद से केबल को खींच लेते हैं। इसके बाद कैंटर में रखकर ले जाते हैं। उनके पास केबल काटने के औजार भी रहते हैं। कबाड़ में केबल से निकले कॉपर को बेच दिया जाता है।
इन्होंने एक साल के अंदर जगदीशपुरा और शाहगंज क्षेत्र में भी बीएसएनएल की केबल चोरी की कई वारदात को अंजाम दिया। यह विभाग को 80 लाख रुपये का चूना लगा चुके हैं। इस संबंध में मुकदमे भी दर्ज हैं।
विनय, विपिन और राजेश क्रेन पर हेल्पर हैं। अन्य दो मजदूरी करते हैं। कैंटर पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थीं, जिससे नंबर नोट करने पर पकड़े नहीं जा सकें। उनके पास से तकरीबन दस लाख का माल बरामद हुआ है।
क्रेन और जेसीबी की मदद से केबल को खींच लेते हैं। इसके बाद कैंटर में रखकर ले जाते हैं। उनके पास केबल काटने के औजार भी रहते हैं। कबाड़ में केबल से निकले कॉपर को बेच दिया जाता है।
इन्होंने एक साल के अंदर जगदीशपुरा और शाहगंज क्षेत्र में भी बीएसएनएल की केबल चोरी की कई वारदात को अंजाम दिया। यह विभाग को 80 लाख रुपये का चूना लगा चुके हैं। इस संबंध में मुकदमे भी दर्ज हैं।
विनय, विपिन और राजेश क्रेन पर हेल्पर हैं। अन्य दो मजदूरी करते हैं। कैंटर पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थीं, जिससे नंबर नोट करने पर पकड़े नहीं जा सकें। उनके पास से तकरीबन दस लाख का माल बरामद हुआ है।