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सार्वजनिक वितरण प्रणाली- ई-पॉश मशीनों की इंटरनेट वैधता खत्म, अनदेखी में उलझ रहा राशन वितरण
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कासगंज। ईपॉश मशीनों की इंटरनेट वैधता खत्म होने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं। राशन वितरण व्यवस्था उलझती नजर आ रही है। हालांकि राशन डीलरों ने वाईफाई से अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन यह अधिक कारगर नहीं हो पाई है। जहां एक ओर राशन डीलर परेशान हैं वहीं अनियमितता को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है।
जिलेभर के ग्रामीण क्षेत्रों की राशन की दुकानों पर यह समस्या बढ़ती जा रही है। ईपॉश मशीनों की इंटरनेट वैधता खत्म होने के कारण राशन डीलर व्यवस्थित रूप से राशन नहीं बांट पा रहे। पूर्ति अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे वाईफाई से अस्थायी व्यवस्था बनाकर राशन का वितरण करते रहें। लेकिन इसमें स्पीड बहुत कम है। इस कारण कई जगह लाभार्थी व डीलर में विवाद की स्थित भी बन रही है।
ग्रामीण की अपेक्षा शहर में वितरण व्यवस्था ठीक
सबसे अधिक समस्या राशन वितरण में ग्रामीण क्षेत्रों में है। जबकि शहरी क्षेत्र में वितरण व्यवस्था ठीक है। चार दिनों में शहरी क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत तक राशन बंट चुका है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 55 से 60 प्रतिशत तक ही राशन बंट सका है। यदि व्यवस्था ठीक होती तो लगभग पूर्ण वितरण 4 दिनों में हो गया होता।
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फैक्ट फाइल-
- 592 राशन की दुकानें हैं जिलेभर में।
- 510 दुकानें हैं ग्रामीण क्षेत्रों में।
- 82 दुकानें हैं शहरी क्षेत्रों में।
- 2.50 लाख उपभोक्ता हैं जिलेभर में।
- 1.50 लाख उपभोक्ताओं को 4 दिन में उपलब्ध कराया गया है राशन।
डीलरों की बात
- मशीनों की सरकारी इंटरनेट वैधता खत्म है। वाईफाई से मशीन कनेक्ट कर वितरण का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्पीड कम आ रही है।- कल्लू दौरेया।
- सर्वर डाउन होने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विभाग इंटरनेट की बेहतर व्यवस्था करे। तब समस्या का समाधान हो सकेगा- संतोष कुमार, पथरेकी।
- जानकारी हुई है कि इंटरनेट वैधता खत्म हो गई है। कार्यदायी संस्था मंत्रा ईपॉश मशीनों की व्यवस्था देख रही है। कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी लेने के बाद जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे। - सत्यवीर सिंह, डीएसओ।
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जिलेभर के ग्रामीण क्षेत्रों की राशन की दुकानों पर यह समस्या बढ़ती जा रही है। ईपॉश मशीनों की इंटरनेट वैधता खत्म होने के कारण राशन डीलर व्यवस्थित रूप से राशन नहीं बांट पा रहे। पूर्ति अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे वाईफाई से अस्थायी व्यवस्था बनाकर राशन का वितरण करते रहें। लेकिन इसमें स्पीड बहुत कम है। इस कारण कई जगह लाभार्थी व डीलर में विवाद की स्थित भी बन रही है।
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ग्रामीण की अपेक्षा शहर में वितरण व्यवस्था ठीक
सबसे अधिक समस्या राशन वितरण में ग्रामीण क्षेत्रों में है। जबकि शहरी क्षेत्र में वितरण व्यवस्था ठीक है। चार दिनों में शहरी क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत तक राशन बंट चुका है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 55 से 60 प्रतिशत तक ही राशन बंट सका है। यदि व्यवस्था ठीक होती तो लगभग पूर्ण वितरण 4 दिनों में हो गया होता।
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फैक्ट फाइल-
- 592 राशन की दुकानें हैं जिलेभर में।
- 510 दुकानें हैं ग्रामीण क्षेत्रों में।
- 82 दुकानें हैं शहरी क्षेत्रों में।
- 2.50 लाख उपभोक्ता हैं जिलेभर में।
- 1.50 लाख उपभोक्ताओं को 4 दिन में उपलब्ध कराया गया है राशन।
डीलरों की बात
- मशीनों की सरकारी इंटरनेट वैधता खत्म है। वाईफाई से मशीन कनेक्ट कर वितरण का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्पीड कम आ रही है।- कल्लू दौरेया।
- सर्वर डाउन होने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विभाग इंटरनेट की बेहतर व्यवस्था करे। तब समस्या का समाधान हो सकेगा- संतोष कुमार, पथरेकी।
- जानकारी हुई है कि इंटरनेट वैधता खत्म हो गई है। कार्यदायी संस्था मंत्रा ईपॉश मशीनों की व्यवस्था देख रही है। कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी लेने के बाद जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे। - सत्यवीर सिंह, डीएसओ।