कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक बवाल, एक की मौत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
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पद्मावत फिल्म को लेकर देशभर में चल रहा बवाल अभी थमा भी नहीं कि शुक्रवार (26 जनवरी) को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई है। गणतंत्र दिवस के मौके पर नगर में हिंदू युवा कार्यकर्ताओं के द्वारा निकाले जा रहे तिरंगा जुलूस के दौरान जिले के बडडू नगर इलाके में मुस्लिम समाज के लोगों से भिड़ंत हुई। जिसमें एक हिंदू युवक की मौत और दो अन्य लोग घायल हुए हैं।
घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में प्रशासन को उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दोनों पक्षों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। सीएम ने दो पक्षों के विवाद में एक शख्स की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
#UPCM श्री #YogiAdityanath ने दोनों पक्षों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है, साथ ही प्रशासन को उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन विज्ञापन— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 26, 2018
मामला ज्यादा बढ़ने पर पथराव शुरू हो गया और जुलूस निकाल रहे कार्यकर्ता मौके पर बाइक छोड़ भाग निकले। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने सरकूलर सड़क पर आने-जाने वाले कई वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई है। घटना के बाद हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। शहर में कई जगहों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई।
जानकारी के मुताबिक इस दौरान हुई फायरिंग में शहर के नदरई गेट निवासी हिंदू कार्यकर्ता चंदन (22) पुत्र सुशील गुप्ता की मौत हो गई व दो अन्य युवा भी घायल हुए हैं। जिन्हें चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। मौत के बाद शहर में स्थिति बेकाबू हो गई। मामले में सूबे के एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, इस संदर्भ में कई आरोपियों को लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
शहर के कई स्थानों पर हुई झड़पें
घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने शहर भर के बाजार बंद करा दिए। लोग सड़कों पर उतरकर घटना पर आक्रोश जताने लगे। कई स्थानों पर उपद्रवियों ने आगजनी की नाकाम कोशिशें की और पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। हालांकि पुलिस ने अब इन घटनाओं पर काबू पा लिया। अराजक तत्वों को नियत्रिंत करने को पुलिस ने लाठियां भी भांजी हैं।
इस दौरान पुलिसकर्मियों और उपद्रवियों के बीच शहर के कई स्थानों पर झड़पें हुई। पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। अलीगढ़ के आइजी डॉ.संजीव गुप्ता, कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा समेत पड़ोसी जनपदों की पुलिस फोर्स के अलावा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।
शहर में भारी पुलिस बल तैनात
युवक की मौत की सूचना पर सांसद राजवीर सिंह राजू भइया, भाजपा के कई विधायक मौके पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री व अन्य सरकारी अफसरों को घटनाक्रम से अवगत कराया गया। प्रशासन ने स्थिति को काबू करने के लिए पीएसी व पुलिस बल की तैनाती शहर भर में कर दी है। अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
प्रशासनिक अधिकारी भाजपा व हिंदू संगठन के लोगों से बातचीत कर स्थिति समान्य करने की कोशिशों में जुटे हैं। वहीं शासन से अफसर व नेता भी अफसरों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ले रहे हैं।