Agra News: औषधि विभाग ने दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए तैयार की रणनीति, 106 कंपनियों को दिया जाएगा नोटिस
औषधि विभाग ने तीन दिन में 1.43 करोड़ रुपये की 409 से अधिक तरह की दवाएं पकड़ी हैं , जिसके बाद दवा माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है।
विस्तार
आगरा में दवाओं की कालाबाजारी पकड़ने के लिए औषधि विभाग 106 कंपनियों को नोटिस देगा। कंपनियों की सूची तैयार कर ली गई है। कंपनियों से पांच बिंदुओं पर जवाब मांग कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 15-20 दिनों में सभी कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि एसटीएफ की मदद से तीन दिन में 1.43 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। 409 तरह की ये दवाएं 106 कंपनियों की हैं। दवाएं कहां बेचीं और भेजी गईं इसकी जानकारी के लिए निर्माता कंपनियों के लिए नोटिस बनाए जा रहे हैं। इन कंपनियों को चरणबद्ध नोटिस देकर पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी। नोटिस में संबंधित दवा का बैच नंबर जारी करते हुए पूछा जाएगा कि यह दवा उनके यहां से निर्मित है या नहीं। निर्मित होने पर किस फर्म को बेचा गया, उनके नाम और बिल मांगे जाएंगे। सैंपल की दवाएं किस एमआर को जारी की, इसका भी विवरण मांगा जाएगा। पूरी जानकारी एसटीएफ को भी दी जाएगी। एसटीएफ और विभाग अपनी जांच करेंगे, इससे रैकेट को पकड़ने में आसानी होगी।
चार दवा माफिया के नजदीक पहुंची एसटीएफ
दवाओं की कालाबाजारी और सैंपल की दवाओं के मामले में जांच कर रही एसटीएफ को गैंग में चार और नाम मिले हैं। तीन आरोपियों की संलिप्तता के साक्ष्य भी मिले हैं। एक के खिलाफ जानकारी जुटाई जा रही है। ये दवा माफिया लंबे समय से सैंपल और नशे की दवाओं की कालाबाजारी कर रहे हैं। एजेंट के रूप में दवाओं की उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 12 राज्यों में दवाओं की कालाबाजारी की जानकारी मिली है।
सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री को भेजेंगे पत्र
आगरा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा का कहना है कि आगरा में अंतरराज्यीय दवा माफिया गैंग सक्रिय है, जो नशे की दवा, नकली दवा, सैंपलिंग, सरकारी दवाओं की कालाबाजारी कर रहा है। वह मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दवा माफिया को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
तीन दिन में ये पकड़े कालाबाजारी के मामले
- 14 मई को पीपल मंडी के सिंगी गली स्थित खाली प्लॉट में 45 कंपनियों की 200 तरह की दवाएं मिलीं। इनकी कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है।
- 13 मई ताजगंज की बाग खिन्नी महल स्थित गोदाम से 52 कंपनियों की 198 तरह की दवाएं जब्त की। इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। ये गोदाम सोनू अग्रवाल का है।
- 12 मई को पिनाहट के नगला मार स्थित घर में बने अवैध गोदाम से 11 कंपनियों की दवाएं जब्त की गईं। ये नीरज गुप्ता का आवास है। इन दवाओं की कीमत करीब 3.50 लाख रुपये आंकी गई है।