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UP: जेल पहुंचा दवा माफिया...लेकिन नेटवर्क है इतना मजबूत, जिसे नहीं तोड़ पाई पुलिस; इनकी तलाश जारी
Tue, 04 Feb 2025 08:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 04 Feb 2025 08:08 AM IST
सार
आगरा में जिस दवा माफिया को पुलिस ने पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया है, उसका नेटवर्क बेहद मजबूत है। पुलिस इस नेटवर्क को नहीं तोड़ पाई है।
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बरामद की गईं नकली दवाएं और मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में नकली-नशे की दवाओं का माफिया विजय गोयल जेल में बंद है। मगर, पुलिस उसके नेटवर्क को अब तक नहीं तोड़ सकी है। पूछताछ में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, वह अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं।
22 अक्तूबर 2024 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सिकंदरा औद्याेगिक क्षेत्र में दवाओं की फैक्टरी पर छापा मारा था। दवा माफिया विजय गोयल सहित 10 को गिरफ्तार किया था। 4.50 करोड़ की नकली-नशे की दवाएं और 3.50 करोड़ रुपये की मशीनें बरामद की थीं।
पुलिस ने दवा माफिया से पूछताछ की थी।
इसमें दिल्ली, अजमेर और कई जिलों में नेटवर्क का पता चला था। गिरोह एल्प्राजोरम टेबलेट और प्राक्सिविन स्पाश कैप्सूल की खेप दिल्ली में मनोज रस्तोगी, अजमेर में हेमंत कुमार, बिजनौर में धर्मेंद्र, सहारनपुर में विभोर विपिन बंसल और अमित, मुरादाबाद में जतिन कुमार को भेजता था। सिंडिकेट से जुड़े यह सभी लोग पकड़ से दूर हैं। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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22 अक्तूबर 2024 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सिकंदरा औद्याेगिक क्षेत्र में दवाओं की फैक्टरी पर छापा मारा था। दवा माफिया विजय गोयल सहित 10 को गिरफ्तार किया था। 4.50 करोड़ की नकली-नशे की दवाएं और 3.50 करोड़ रुपये की मशीनें बरामद की थीं।
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पुलिस ने दवा माफिया से पूछताछ की थी।
इसमें दिल्ली, अजमेर और कई जिलों में नेटवर्क का पता चला था। गिरोह एल्प्राजोरम टेबलेट और प्राक्सिविन स्पाश कैप्सूल की खेप दिल्ली में मनोज रस्तोगी, अजमेर में हेमंत कुमार, बिजनौर में धर्मेंद्र, सहारनपुर में विभोर विपिन बंसल और अमित, मुरादाबाद में जतिन कुमार को भेजता था। सिंडिकेट से जुड़े यह सभी लोग पकड़ से दूर हैं। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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