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Agra News: औषधि विभाग का 20 फर्मों पर छापा, सैंपल की दवाएं मिलीं; दो मेडिकल स्टोर सीज
Sat, 13 Jun 2026 02:29 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:29 AM IST
सार
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीम ने आगरा के फव्वारा दवा बाजार में 20 मेडिकल फर्मों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले और कई अनियमितताएं पकड़ीं। सैंपल दवाओं की अवैध बिक्री के आरोप में दो स्टोर सीज किए गए हैं, जबकि संदिग्ध दवाओं और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।
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औषधि विभाग की टीम मेडिकल स्टोर पर जांच करती हुई। अमर उजाला
विस्तार
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की अगुवाई में 30 अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को फव्वारा दवा बाजार में 20 मेडिकल फर्मों पर छापा मारा। 12 दुकानें बंद मिलने पर ताले तोड़कर जांच की गई और कंप्यूटर-लैपटॉप के रिकॉर्ड खंगाले गए। दवाओं के भंडारण और खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली। सैंपल की दवाएं मिलने पर दो स्टोरों को सीज कर दिया गया। जांच अभी भी जारी है।
नकली, सरकारी और सैंपल की दवाओं की बिक्री की शिकायत पर मुख्यालय की टीम ने फव्वारा में झूलेलाल बाजार, माहेश्वरी काॅम्प्लेक्स, बोहरे रामगोपाल मार्केट, मुबारक महल, नवाबिया मार्केट, कम्मू टोला में 20 फर्मों पर छापा मारा। बंद मिलने पर 12 फर्मों के संचालकों को फोन किया गया। उनके नहीं पहुंचने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ताले तोड़कर जांच की गई।
इनमें कई स्टोर खाली मिले या फिर कुछ ही दवाएं मिलीं। यहां कई पुराने रिकॉर्ड भी मिले। इन सभी की जांच की गई। आठ फर्मों पर टीम ने दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल देखे। मौके पर मिले कंप्यूटर-लैपटॉप, रजिस्टर और बिल की जांच में खरीद-बिक्री और भंडारण के मिलान में गड़बड़ी मिली। दो फर्मों पर विभिन्न बीमारियों की फिजिशियन सैंपल की दवाएं मिलीं। इन पर नॉट फाॅर सेल लिखा है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय की टीम छापा मारकर जांच कर रही है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। सैंपल की दवाएं प्रचार-प्रसार के लिए होती हैं। इनकी बिक्री अवैध है।
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संदिग्ध दवाएं मिलीं, रिकॉर्ड किए जब्त
अधिकारियों की टीम ने छापे में मेडिकल स्टोरों पर तीन महीने के दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड की जांच की है। स्टोरों में संदिग्ध दवाएं भी मिली हैं। ये एंटीबायोटिक, पेट रोग, हृदय रोग, जुकाम-खांसी समेत अन्य मर्ज की दवाएं हैं। इनके नमूने भी लिए जाएंगे। टीम ने स्टोरों से कई रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं।
बाजार में अफरा-तफरी, बंद दुकानों की बनाई सूची
विशेष टीम में लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर, एटा, नोएडा समेत 15 से अधिक जिलों के अधिकारी हैं। टीम दो दिन पहले ही सूची लेकर आ गई थी। रेकी के बाद शुक्रवार को ताबड़तोड़ छापे मारे। टीम के साथ पुलिस के विशेष अधिकारी भी हैं। दोपहर में छापे से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई फर्म संचालक दुकान बंद कर चले गए। इनकी भी सूची बनाई गई है।
बीते माह 18 से अधिक फर्मों की हुई थी जांच
बीते महीने भी मुख्यालय की 30 अधिकारियाें की टीम ने 18 फर्मों की जांच कर नकली, सैंपल और सरकारी दवाएं पकड़ी थीं। झूलेलाल बाजार में ज्योति ड्रग हाउस के संचालक नारायण दास हंसराजानी के दो अवैध गोदाम भी मिले थे, जिनमें सैन्य अस्पताल, ईएसआई अस्पताल और सैंपल, एक्सपायर्ड दवाओं की तस्करी पकड़ी गई थी। यहां से करीब दो करोड़ की दवाएं जब्त की गई थीं। जांच के 48 नमूने भी लिए गए थे।
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नकली, सरकारी और सैंपल की दवाओं की बिक्री की शिकायत पर मुख्यालय की टीम ने फव्वारा में झूलेलाल बाजार, माहेश्वरी काॅम्प्लेक्स, बोहरे रामगोपाल मार्केट, मुबारक महल, नवाबिया मार्केट, कम्मू टोला में 20 फर्मों पर छापा मारा। बंद मिलने पर 12 फर्मों के संचालकों को फोन किया गया। उनके नहीं पहुंचने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ताले तोड़कर जांच की गई।
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इनमें कई स्टोर खाली मिले या फिर कुछ ही दवाएं मिलीं। यहां कई पुराने रिकॉर्ड भी मिले। इन सभी की जांच की गई। आठ फर्मों पर टीम ने दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल देखे। मौके पर मिले कंप्यूटर-लैपटॉप, रजिस्टर और बिल की जांच में खरीद-बिक्री और भंडारण के मिलान में गड़बड़ी मिली। दो फर्मों पर विभिन्न बीमारियों की फिजिशियन सैंपल की दवाएं मिलीं। इन पर नॉट फाॅर सेल लिखा है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय की टीम छापा मारकर जांच कर रही है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। सैंपल की दवाएं प्रचार-प्रसार के लिए होती हैं। इनकी बिक्री अवैध है।
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संदिग्ध दवाएं मिलीं, रिकॉर्ड किए जब्त
अधिकारियों की टीम ने छापे में मेडिकल स्टोरों पर तीन महीने के दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड की जांच की है। स्टोरों में संदिग्ध दवाएं भी मिली हैं। ये एंटीबायोटिक, पेट रोग, हृदय रोग, जुकाम-खांसी समेत अन्य मर्ज की दवाएं हैं। इनके नमूने भी लिए जाएंगे। टीम ने स्टोरों से कई रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं।
बाजार में अफरा-तफरी, बंद दुकानों की बनाई सूची
विशेष टीम में लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर, एटा, नोएडा समेत 15 से अधिक जिलों के अधिकारी हैं। टीम दो दिन पहले ही सूची लेकर आ गई थी। रेकी के बाद शुक्रवार को ताबड़तोड़ छापे मारे। टीम के साथ पुलिस के विशेष अधिकारी भी हैं। दोपहर में छापे से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई फर्म संचालक दुकान बंद कर चले गए। इनकी भी सूची बनाई गई है।
बीते माह 18 से अधिक फर्मों की हुई थी जांच
बीते महीने भी मुख्यालय की 30 अधिकारियाें की टीम ने 18 फर्मों की जांच कर नकली, सैंपल और सरकारी दवाएं पकड़ी थीं। झूलेलाल बाजार में ज्योति ड्रग हाउस के संचालक नारायण दास हंसराजानी के दो अवैध गोदाम भी मिले थे, जिनमें सैन्य अस्पताल, ईएसआई अस्पताल और सैंपल, एक्सपायर्ड दवाओं की तस्करी पकड़ी गई थी। यहां से करीब दो करोड़ की दवाएं जब्त की गई थीं। जांच के 48 नमूने भी लिए गए थे।