{"_id":"5d1c6ea58ebc3e3ce319f3cc","slug":"drone-will-fly-at-taj-mahal-for-survey-in-yamuna-river-water","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल के पास यमुना का होगा सर्वे, ड्रोन से किया जाएगा मुआयना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल के पास यमुना का होगा सर्वे, ड्रोन से किया जाएगा मुआयना
Thu, 04 Jul 2019 09:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 04 Jul 2019 09:04 AM IST
विज्ञापन
ताजमहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुना पर रबर डैम बनाए जाने से पहले ताजमहल से छह किलोमीटर डाउन और 10 किलोमीटर अपस्ट्रीम में ड्रोन से फोटोग्राफी होगी। ऐसा पहली बार होगा शहर में नदी के आसपास के क्षेत्रों के बारे में सिंचाई विभाग के पास डिजिटल रिकार्ड ही नहीं है। सिर्फ कागजों में मैप के आधार पर ही क्षेत्र चिह्नित हैं।
ड्रोन सर्वे के जरिये नदी के आसपास कृषि और आबादी वाले क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। यमुना नदी पर ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर आगे नगला पैमा में रबर डैम के प्रस्ताव को शासन से अनुमति मिल चुकी है। विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है।
हाल ही में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव ने लखनऊ में योजना की समीक्षा की। इसी बैठक में प्रस्तावित कार्य स्थल के आसपास ड्रोन से फोटोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ड्रोन सर्वे के जरिये नदी के आसपास कृषि और आबादी वाले क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। यमुना नदी पर ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर आगे नगला पैमा में रबर डैम के प्रस्ताव को शासन से अनुमति मिल चुकी है। विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
हाल ही में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव ने लखनऊ में योजना की समीक्षा की। इसी बैठक में प्रस्तावित कार्य स्थल के आसपास ड्रोन से फोटोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
ताज बैराज निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ने अपर जिलाधिकारी नगर से ड्रोन सर्वे की अनुमति मांगी है। ताजमहल के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है। यहां बिना प्रशासन की अनुमति ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकता।
सर्वे से लाभ
रबर डैम बनने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ेगा। मानसून के दौरान इसमें और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में नदी का पानी किनारे से बाहर आने पर प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। नदी किनारे बहुत सी आबादी भी है। ड्रोन सर्वे के बाद जलस्तर भी तय हो सकेगा।
अब तक कागजों पर बने मानचित्र के आधार पर ही क्षेत्रों का चिह्नांकन होता है। यमुना में सीधे गिरने वाले नाले भी चिह्नित हो सकेंगे। इससे नदी में सीवर और गंदा पानी रोके जाने के संबंध में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
सर्वे से लाभ
रबर डैम बनने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ेगा। मानसून के दौरान इसमें और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में नदी का पानी किनारे से बाहर आने पर प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। नदी किनारे बहुत सी आबादी भी है। ड्रोन सर्वे के बाद जलस्तर भी तय हो सकेगा।
अब तक कागजों पर बने मानचित्र के आधार पर ही क्षेत्रों का चिह्नांकन होता है। यमुना में सीधे गिरने वाले नाले भी चिह्नित हो सकेंगे। इससे नदी में सीवर और गंदा पानी रोके जाने के संबंध में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
अनुमति के बाद शुरू होगा काम
ताज बैराज खंड के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल का कहना है कि प्रशासन में अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी शहर से अनुमति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
ताज बैराज खंड के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल का कहना है कि प्रशासन में अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी शहर से अनुमति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।