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हौसले की ‘डगर’ पर भर रहे फर्राटा
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:51 AM IST
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ताज कार रैली न केवल आगरा के एडवेंचर टूरिज्म के प्रमोशन के लिए है, बल्कि यह उन दिव्यांगों का हौसला भी बढ़ा रही है। इस रैली में हौसले की डगर पर जालंधर, अमृतसर और दिल्ली से आए तीन दिव्यांग फर्राटा भरकर शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं। बीते साल रैली में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित दीपा मलिक जोश और जुनून जगाने आई थीं, लेकिन इस बार उनके ही एनजीओ से जुड़े तीन रैली ड्राइवर ताज आगरा कार रैली में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
अमृतसर से आए देवेंद्र सिंह पहली बार रैली में आगरा आए हैं। उनके मुताबिक विकलांगता शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक होती है। जब तक मानसिक रूप से विकलांग नहीं, तब तक शारीरिक विकलांगता का असर नहीं पड़ता। ‘मन के हारे हार है और मन के जीते जीत’। इस मंत्र पर चलने वाले देवेंद्र कहते हैं कि वह दूसरों के लिए प्रेरणा बनने आए हैं कि हम कुछ भी कर सकते हैं। हम नि:शक्त नहीं, बल्कि सशक्त हैं।
दिल्ली से अंकित शर्मा हाल में ही रॉयल राजस्थान रैली में हिस्सा लेकर आगरा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सोच अगर पाजिटिव है तो जीत है। हार कभी मत मानिए। हम जैसे लोगों को देखकर लोगों को यह लगना चाहिए कि वह कुछ भी कर सकते हैं। प्रेरणा मिलेगी तो लगेगा कि उनका आना सफल हुआ। उनका जीवन मंत्र है कि ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’
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जालंधर से दूसरी बार रैली में आए अभय डोगरा के मुताबिक, यह रैली दिखाती है कि असंभव कुछ भी नहीं। हम हर काम करने में सक्षम हैं। सरकार हम जैसे लोगों की समस्या समझे और ड्राइविंग लाइसेंस दे। सरकारी अधिकारी देखें कि हम कितनी कुशलता से गाड़ियां चला रहे हैं। डीएल मिलने से उनकी दिक्कतें कम हो सकती हैं। नियमों के साथ सोच तो बदलनी होगी। इस रैली में तीनों दिव्यांग प्रतिभागी हैंड कंट्रोल्ड कार से हिस्सा ले रहे हैं।
रैली की ड्रोन कैमरों से शूटिंग
ताज कार रैली में पहली बार ड्रोन कैमरों का प्रयोग शूटिंग के लिए किया गया। नेशनल हाईवे के साथ फतेहपुर सीकरी, यमुना एक्सप्रेस वे के पास, जयपुर रोड, पांटून ब्रिज और लहलहाते हुए खेतों के बीच से कच्चे रास्तों पर निकली रैली की शूटिंग ड्रोन कैमरों के जरिए की गई।
12 महिलाएं ले रहीं रैली में हिस्सा
रैली में आकांक्षा समिति अध्यक्ष संगीता भटनागर के साथ प्रमुख उद्यमी डा. रंजना बंसल ने हिस्सा लिया। कई सालों के बाद इन्होंने गाड़ी की स्टीयरिंग थामी तो पूरे सफर के दौरान आत्मविश्वास और टाइम-स्पीड का ख्याल रखते हुए ही ड्राइविंग की।
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अमृतसर से आए देवेंद्र सिंह पहली बार रैली में आगरा आए हैं। उनके मुताबिक विकलांगता शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक होती है। जब तक मानसिक रूप से विकलांग नहीं, तब तक शारीरिक विकलांगता का असर नहीं पड़ता। ‘मन के हारे हार है और मन के जीते जीत’। इस मंत्र पर चलने वाले देवेंद्र कहते हैं कि वह दूसरों के लिए प्रेरणा बनने आए हैं कि हम कुछ भी कर सकते हैं। हम नि:शक्त नहीं, बल्कि सशक्त हैं।
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दिल्ली से अंकित शर्मा हाल में ही रॉयल राजस्थान रैली में हिस्सा लेकर आगरा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सोच अगर पाजिटिव है तो जीत है। हार कभी मत मानिए। हम जैसे लोगों को देखकर लोगों को यह लगना चाहिए कि वह कुछ भी कर सकते हैं। प्रेरणा मिलेगी तो लगेगा कि उनका आना सफल हुआ। उनका जीवन मंत्र है कि ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’
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जालंधर से दूसरी बार रैली में आए अभय डोगरा के मुताबिक, यह रैली दिखाती है कि असंभव कुछ भी नहीं। हम हर काम करने में सक्षम हैं। सरकार हम जैसे लोगों की समस्या समझे और ड्राइविंग लाइसेंस दे। सरकारी अधिकारी देखें कि हम कितनी कुशलता से गाड़ियां चला रहे हैं। डीएल मिलने से उनकी दिक्कतें कम हो सकती हैं। नियमों के साथ सोच तो बदलनी होगी। इस रैली में तीनों दिव्यांग प्रतिभागी हैंड कंट्रोल्ड कार से हिस्सा ले रहे हैं।
रैली की ड्रोन कैमरों से शूटिंग
ताज कार रैली में पहली बार ड्रोन कैमरों का प्रयोग शूटिंग के लिए किया गया। नेशनल हाईवे के साथ फतेहपुर सीकरी, यमुना एक्सप्रेस वे के पास, जयपुर रोड, पांटून ब्रिज और लहलहाते हुए खेतों के बीच से कच्चे रास्तों पर निकली रैली की शूटिंग ड्रोन कैमरों के जरिए की गई।
12 महिलाएं ले रहीं रैली में हिस्सा
रैली में आकांक्षा समिति अध्यक्ष संगीता भटनागर के साथ प्रमुख उद्यमी डा. रंजना बंसल ने हिस्सा लिया। कई सालों के बाद इन्होंने गाड़ी की स्टीयरिंग थामी तो पूरे सफर के दौरान आत्मविश्वास और टाइम-स्पीड का ख्याल रखते हुए ही ड्राइविंग की।