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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Drain cleaning begins before the monsoon, offering hope for relief from waterlogging. The Irrigation Department has begun silt cleaning from the Daulatabad drain and the WD drain.

Agra News: मानसून से पहले नालों की सफाई शुरू, जलभराव से राहत की उम्मीद, सिंचाई विभाग ने शुरू किया दौलताबाद नाले व डब्ल्यूडी ड्रेन से सिल्ट सफाई का काम

Mon, 08 Jun 2026 11:58 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:58 PM IST
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Drain cleaning begins before the monsoon, offering hope for relief from waterlogging. The Irrigation Department has begun silt cleaning from the Daulatabad drain and the WD drain.
सालों बाद हुई दौलताबाद स्केप की सफाई,किसानों और स्थानीय लोगों को जलभराव से मिलेगी बड़ी राहत - फोटो : 1
अछनेरा। मानसून से पहले सिंचाई विभाग ने दौलताबाद स्केप (नाला) और वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन (डब्ल्यूडी ड्रेन) की सिल्ट सफाई का काम शुरू कर दिया है। वर्षों से सिल्ट (मिट्टी), जलकुंभी और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह चोक हो चुके इन नालों की सफाई से क्षेत्र की जल निकासी सुदृढ़ होगी। इससे सैकड़ों बीघा कृषि भूमि को हर साल होने वाले जलभराव से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (द्वितीय) स्पर्श अग्रवाल ने बताया कि दौलताबाद स्केप में भारी मात्रा में सिल्ट और मुंझ के झुंड जमा होने के कारण पानी की निकासी ठप पड़ी थी। विभाग पोकलेन और जेसीबी मशीनों से इस अवरोध को साफ करा रहा है। वहीं, जूनियर इंजीनियर रवेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि बड़ौदा मशरकपुर नाले की भी करीब तीन वर्ष बाद सफाई कराई जा रही है, जिससे इससे जुड़े गांवों के प्रभावित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उधर, भाजपा के वरिष्ठ किसान नेता मोहन सिंह चाहर के प्रयासों से 52 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन की भी सिल्ट सफाई शुरू हो गई है। श्री चाहर ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ खुद मौके पर पहुंचकर चल रहे कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि सफाई के नाम पर किसी भी प्रकार की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।किसान नेता ने बताया कि नाले की समय पर सफाई न होने के कारण गड़ीमां, सांधन, फतेहपुरा, मांगरोल जाट और नगला लक्ष्मण समेत करीब आधा दर्जन गांवों की 500 बीघा से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो जाती थी, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थीं। लंबे समय बाद शुरू हुई इस मुहीम से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या खत्म होने से उनकी खेती को नया जीवन मिलेगा। इस दौरान केशवदेव शर्मा, सतीश चाहर, सुखवीर सिंह (पूर्व प्रधान), मोहन सिंह एडवोकेट, बिजेंद्र सिंह, हरदेव सिंह, देवी सिंह, श्यामवीर सिंह, बच्चू सिंह (पूर्व प्रधान) और राजीव सिंह मौजूद रहे।
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