कासगंज। शहर के नियोजित विकास के लिए महायोजना-2031 को स्वीकृत कर दिया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग आगरा के अधिकारियों ने महायोजना के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। शीघ्र ही इसका प्रारूप सामने आ जाएगा। इस महायोजना में कासगंज शहर की नगर पालिका की सीमा के अलावा 26 गांव शामिल रहेंगे।पिछले वर्ष महायोजना के प्रारूप को आम लोगों के बीच लाया गया। इस पर लोगों के द्वारा भू-उपयोग पर अपनी आपत्तियां दर्ज की गईं। 900 से अधिक आपत्तियां लोगों के द्वारा दी गईं। इन पर सुनवाई के पश्चात इनका निस्तारण किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात इस प्रारूप को स्वीकृत कर दिया है। इस महायोजना में शामिल इलाकों के भू उपयोग को चिह्नित किया गया है कि कहां ग्रीन बेल्ट रहेगी? कहां सामुदायिक सेवाएं व सुविधाएं रहेंगी? कहां पार्क बनेंगे? कहां सड़क बनेगी? इस तरह से अलग-अलग स्थानों के लिए भू-उपयोग का निर्धारण किया गया है। महायोजना पर क्रियान्वयन होने के पश्चात एक सुनियोजित विकास का ढांचा विकसित होगा। अटल मिशन योजना के अंतर्गत इस प्रस्तावित महायोजना को लागू किया जा रहा है।महायोजना में कासगंज नगरपालिका सीमा के अलावा 26 गांव शामिल रहेंगे। इन गांव में किलौनी रफातपुर, खेड़िया, जियाउद्दीनपुर, ततारपुर माफी, कल्यानपुर, धनतौरिया, तरौरा, बांकनेर, नदरई, बरेला, अमरपुर, ढिलावली, तवालपुर मौसमपुर, अलीपुर, भैंसोरा खुर्द, मामो, भिटौना, जखरुद्रपुर, कासगंज ग्रामीण, कुतुबपुर पट्टी, पहाड़पुर, अहरौली, अनोता, फतेहपुर, दरयापुर, पवसरा शामिल हैं। केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और लोगों के जीवन को आसान बनाना है। इस योजना का उद्देश्य शहरों में पानी, सीवरेज, हर घर में नल से पानी, शहरों में हरियाली व पार्कों का विकास करना। शहरी परिवहन को बेहतर बनाना, प्रदूषण कम करना और शहरों को रहने के लिए बेहतर व स्वच्छ बनाना है।एसडीएम सदर संजीव कुमार ने बताया कि कासगंज महायोजना 2031 स्वीकृत की जा चुकी है। शीघ्र ही योजना का प्रारूप एनआईसी पर अपडेट किया जाएगा। आपत्तियों का निस्तारण करने के पश्चात इसे स्वीकृत किया गया है।-