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एटा: डॉ. पीके जैन बने मेडिकल कॉलेज के पहले प्राचार्य, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने का दावा
Sat, 08 May 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 May 2021 12:09 AM IST
सार
नव नियुक्त प्राचार्य ने कहा कि तीन महीने में मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की पूरी उपलब्धता हो जाएगी।
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डॉ. पीके जैन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के पहले प्राचार्य के रूप में डॉ. पीके जैन ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज से यहां भेजा गया है। वहां हेड ऑफ द डिपार्टमेंट ऑफ कम्यूनिटी मेडिसन थे।
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डॉ. जैन ने कहा कि जून में एमसीआइ (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) का सर्वेक्षण होना है। तब तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कराने पर जोर रहेगा। इसी सत्र से विद्यार्थियों को प्रवेश देकर शिक्षण कार्य शुरू कराएंगे। प्रथम वर्ष के 100 विद्यार्थियों का एक बैच चलेगा। तीन महीने में यहां स्टाफ की पूरी उपलब्धता हो जाएगी।
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जिसके बाद जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी। वर्तमान में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो से तीन महीने में 60-70 लोगों का स्टाफ हमें मिल जाएगा। जो जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में भी सेवाएं देगा।
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मरीजों पर नहीं बढ़ेगा भार
प्राचार्य ने बताया कि जिला स्तरीय दोनों अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज के अधीन ही संचालित किए जाएंगे। लेकिन मरीजों पर कोई अतिरिक्त शुल्क का भार नहीं डाला जाएगा। एक रुपये का ही पंजीकरण शुल्क रखा जाएगा। अन्य शुल्क भी लगभग पहले की तरह ही रहेंगे।
डॉ. जैन ने बताया कि कोरोना रोगियों के इलाज के लिए कॉलेज के अंतर्गत मेटरनिटी विंग में 30 वार्ड का एलटू समकक्ष अस्पताल बनाएंगे। शासन से वेंटीलेटर, अस्पतालों के संचालन के लिए बजट, स्टाफ और ऑक्सीजन उपलबधता की मांग रखी जाएगी।
प्राचार्य ने बताया कि जिला स्तरीय दोनों अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज के अधीन ही संचालित किए जाएंगे। लेकिन मरीजों पर कोई अतिरिक्त शुल्क का भार नहीं डाला जाएगा। एक रुपये का ही पंजीकरण शुल्क रखा जाएगा। अन्य शुल्क भी लगभग पहले की तरह ही रहेंगे।
डॉ. जैन ने बताया कि कोरोना रोगियों के इलाज के लिए कॉलेज के अंतर्गत मेटरनिटी विंग में 30 वार्ड का एलटू समकक्ष अस्पताल बनाएंगे। शासन से वेंटीलेटर, अस्पतालों के संचालन के लिए बजट, स्टाफ और ऑक्सीजन उपलबधता की मांग रखी जाएगी।