{"_id":"5b9fc66d867a557ebb22de86","slug":"dr-br-ambedkar-university-vice-chancellor-s-offensive-poster-pasted-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कुलपति के खिलाफ शहरभर में लगे आपत्तिजनक पोस्टर, संघ की पोशाक में दिखाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुलपति के खिलाफ शहरभर में लगे आपत्तिजनक पोस्टर, संघ की पोशाक में दिखाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 18 Sep 2018 06:41 AM IST
विज्ञापन
आपत्तिजनक पोस्टर
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित के खिलाफ शहर भर में आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए हैं। उनको राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पोशाक में दर्शाते हुए नाम के नीचे भाजपा जिलाध्यक्ष लिखा गया है।
विश्वविद्यालय के पालीवाल कैंपस, खंदारी कैंपस, आईएसबीटी, कलक्ट्रेट समेत तमाम सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। पोस्टर में 11 बिंदु हैं, जिसमें शिक्षा, विश्वविद्यालय और लैब के क्षेत्र में उनका योगदान शून्य दर्शाते हुए भाजपा के लिए कार्य करने के लिए 100 नंबर दिए गए हैं।
इसके साथ ही कुलपति पर मार्कशीट का रंग बदलने, विश्वविद्यालय का भगवाकरण और दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति लगवाने में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने की बात लिखी है। इस पोस्टरों को लेकर शहर में चर्चा हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के पालीवाल कैंपस, खंदारी कैंपस, आईएसबीटी, कलक्ट्रेट समेत तमाम सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। पोस्टर में 11 बिंदु हैं, जिसमें शिक्षा, विश्वविद्यालय और लैब के क्षेत्र में उनका योगदान शून्य दर्शाते हुए भाजपा के लिए कार्य करने के लिए 100 नंबर दिए गए हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही कुलपति पर मार्कशीट का रंग बदलने, विश्वविद्यालय का भगवाकरण और दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति लगवाने में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने की बात लिखी है। इस पोस्टरों को लेकर शहर में चर्चा हो रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos
कुलपति ने ये कहा
इस संबंध में कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित का कहना है कि 13 दिसंबर 2016 में पदभार संभालने के बाद मार्कशीट, माइग्रेशन, डिग्री, परीक्षा कार्य आनलाइन कर दिया। विश्वविद्यालय में बाहरी और अराजक तत्वों पर लगाम लगाई।
इससे कई ऐसे तत्व हैं, जिनकी दलाली का काम बंद हो गया है। हताशा और बौखलाहट में ये पोस्टर चस्पा किए हैं। आरोपों की बात है तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति शासन लगा रहा है। पुस्तकालय हाईटेक हो चुका है। मार्कशीट का रंग और महापुरुषों की जयंती मनाना भगवाकरण है तो मानते रहें।
इससे कई ऐसे तत्व हैं, जिनकी दलाली का काम बंद हो गया है। हताशा और बौखलाहट में ये पोस्टर चस्पा किए हैं। आरोपों की बात है तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति शासन लगा रहा है। पुस्तकालय हाईटेक हो चुका है। मार्कशीट का रंग और महापुरुषों की जयंती मनाना भगवाकरण है तो मानते रहें।