आगरा: विश्वविद्यालय का 86वां दीक्षांत समारोह एक अप्रैल को, कोविड प्रोटोकॉल रहेगा लागू
- अभिभावकों को दीक्षांत समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं
- पंडाल में अधिकतम 500 लोगों के ही बैठने की व्यवस्था होगी
- दीक्षांत समारोह में कुर्ता-पायजामा होगा पुरुषों का ड्रेस कोड
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 86वां दीक्षांत समारोह एक अप्रैल को होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रस्तावित की गई तारीख पर राजभवन से मुहर लगा दी गई है। उसी के अनुरूप तैयारियां चल रही हैं। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए दीक्षांत समारोह के पंडाल में अधिकतम 500 लोगों के ही बैठने की व्यवस्था होगी। गत वर्षों में करीब 800 लोग शामिल होते थे।
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि अतिथियों की संख्या में इस बार कटौती की जाएगी। वहीं, पदक पाने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को दीक्षांत समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंडाल में बैठने की व्यवस्था सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए की जाएगी। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान करेंगी।
दीक्षांत समारोह में अतिथि के तौर पर उपमुख्यमंत्री व उच्च शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और राज्यमंत्री, उच्च शिक्षा नीलिमा कटियार को भी आमंत्रित किया गया है। कुलपति का कहना है कि पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की सूची तैयार कराई जा रही है। वह एक हफ्ते में जारी कर दी जाएगी। सूची के आधार पर आपत्तियां लेकर उनको निस्तारित किया जाएगा।
यह होगा ड्रेस कोड
जेपी सभागार में शुक्रवार को दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में बनाई गई सभी समितियों के संयोजकों व सदस्यों की बैठक हुई। इसमें सभी के सुझाव से तय किया गया कि दीक्षांत समारोह में पुरुषों (शिक्षक व छात्र) का ड्रेस कोड कुर्ता-धोती की जगह कुर्ता-पायजामा होगा।
बैठक में शिक्षकों ने कहा कि दीक्षांत समारोह के दिन विभिन्न व्यवस्थाओं को देखने के लिए उन्हें भागदौड़ करनी पड़ती है। ऐसे में धोती से दिक्कत होती है। उसकी जगह पायजामा कर दिया जाए। हालांकि रंग में परिवर्तन नहीं किया गया है। कुर्ता व पायजामा दोनों सफेद रंग के ही होंगे। महिलाएं (शिक्षिकाएं व छात्राएं) सफेद साड़ी लाल बॉर्डर वाली ही पहनेंगी। इनके ड्रेस कोड में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस बार कवि सम्मेलन व रात्रि भोजन नहीं
इस बार के दीक्षांत समारोह की शाम कवि सम्मेलन और रात्रि भोजन का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय भी बैठक में लिया गया। शिक्षकों ने सुझाव दिया कि दिन के कार्यक्रम के बाद थकान हो जाती है। बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, वित्त अधिकारी एके सिंह, प्रो. सुगम आनंद, प्रो. दिवाकर खरे, प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. विनीता सिंह, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. ब्रजेश रावत आदि मौजूद रहे।