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डीपीआरओ ने बिना अनुमति बदली पंचायत भवन के लिंटर गिरने की जांच

Sat, 22 Oct 2022 12:08 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2022 12:08 AM IST
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DPRO  CHANGE INVESTIGATION WITHOT PERMISSION
मैनपुरी। विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत देवकली में पंचायत भवन का लिंटर गिरने के मामले की जांच डीपीआरओ ने बदल दी। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी या जिलाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य विकास अधिकारी ने डीपीआरओ को नोटिस जारी कर जांच के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
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देवकली में पंचायत भवन गिरने के मामले में तीन सदस्यीय समिति ने जांच की थी। इसमें तत्कालीन अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रविदत्त कुमार, सहायक अभियंता डीआरडीए कमल कुमार और अपर सांख्यिकीय अधिकारी करन सिंह को शामिल किया गया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन सचिव घटिया निर्माण और अनियमितताओं के लिए दोषी पाए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम अविनाश कृष्ण सिंह और सीडीओ विनोद कुमार के अनुमोदन पर तत्कालीन पंचायत सचिव रवि यादव को निलंबित कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी मैनपुरी श्वेतांक पांडेय को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया था। वे तकनीकी सहयोग से जांच कर रहे थे, इसी बीच तीन अक्तूबर को डीपीआरओ अविनाश चंद्र ने बिना डीएम और सीडीओ की अनुमति लिए स्वयं ही जांच अधिकारी बदल दिया। उन्होंने मैनपुरी बीडीओ से जांच हटाते हुए बीडीओ बेवर को भेज दी।
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एक पखवाड़े बाद जब मामला चर्चा में आया तो सीडीओ को इसकी जानकारी हो सकी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने डीपीआरओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें पूछा गया है कि आखिर जांच क्यों बदली गई और इसके लिए उच्चाधिकारियों का अनुमोदन क्यों नहीं लिया गया। तीन दिन में डीपीआरओ को अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।
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ये है पूरा मामला
बीते वर्ष विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत देवकली में घटिया निर्माण के चलते पंचायत भवन का लिंटर गिर गया था। पहले मामले को दबाया गया, बाद में अमर उजाला ने खबर के माध्यम से मामला उजागर किया था। इस पर सीडीओ विनोद कुमार ने जांच कराई थी। जांच में पंचायत सचिव रवि यादव को दोषी पाया गया था। डीएम अविनाश कृष्ण सिंह और सीडीओ विनोद कुमार के अनुमोदन पर सचिव रवि यादव को जून में निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए थे।

ग्राम पंचायत भवन का लिंटर गिरने का मामला अति गंभीर था। इसमें डीपीआरओ द्वारा बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के अपने स्तर से जांच अधिकारी बदल दिया गया। जानकारी होने पर डीपीआरओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
- विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
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