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Nutritional Scams: पुष्टाहार वितरण घोटाले में डीपीओ निलंबित, मुख्य विकास अधिकारी करेंगे जांच
Sat, 05 Oct 2024 09:40 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 05 Oct 2024 09:40 AM IST
सार
शासन ने पुष्टाहार वितरण घोटाले में संज्ञान लिया है। इस मामले में डीपीओ पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद शासन ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंपी है।
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निलंबित डीपीओ आदीश मिश्रा
- फोटो : स्त्रोत इंटरनेट
विस्तार
आगरा में राज्य की महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री के गृह जनपद में पुष्टाहार वितरण में घोटाला हुआ है। शुक्रवार शाम को शासन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आदीश मिश्रा को भी निलंबित कर दिया। उन्हें मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। डीपीओ पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप हैं। शासन ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह से मांगी है।
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बृहस्पतिवार को शहरी क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) विमल चौबे को निलंबित किया गया था। इनके अलावा एक सुपरवाइजर सहित 17 आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता अब तक इस मामले में निलंबित हो चुकी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए सरकार मुफ्त पुष्टाहार बांटती है। जिसमें चना की दाल, रिफाइंड, दलिया की कालाबाजारी का खुलासा 27 सितंबर को नाई की मंडी गोदाम में पड़े छापे से हुआ।
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गोदाम मालिक प्रवीण अग्रवाल सहित तीन लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इस मामले में डीपीओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की संलिप्तता सामने आई है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, विभागीय तफ्तीश में यह खुलासा हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया।
मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड और मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी को सख्त निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आदीश मिश्रा, सीडीपीओ विमल चौबे के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। डीपीओ व सीडीपीओ पर भ्रष्टाचार, शासनादेशों की अवहेलना एवं पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप हैं।