साइबर अपराध: मोबाइल पर एप कराया डाउनलोड, खाते से निकाली रकम और फिर पीड़ित के नाम पर ले लिया लोन
सुकन्या योजना का लाभ दिलाने के नाम पर शू डिजायनर धोखाधड़ी का शिकार हो गया। मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद उसका डाटा चोरी कर लिया। इसके बाद खाते से रकम निकाल ली और पर्सनल लोन भी ले लिया।
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आगरा में साइबर अपराधियों ने एक जूता कंपनी के शू डिजायनर को धोखाधड़ी का शिकार बनाया। सुकन्या योजना का लाभ दिलाने का झांसा दिया। मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करा डाटा चोरी कर लिया। इसके बाद खाते से रकम निकाल ली। कागजात की मदद से खाते पर 3.67 लाख का पर्सनल लोन भी ले लिया। पीड़ित ने पुलिस से मदद मांगी है।
नगला ताल, बमरौली कटारा निवासी रामअवतार सिंह के साथ ठगी हुई। वह एक कंपनी में शू डिजायनर हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के बहादुर गढ़ की बैंक की शाखा में सैलरी एकाउंट है। सात फरवरी को उनकी भाभी के पास एक काॅल आया। काॅल करने वाले ने खुद को ब्लाॅक बरौली से डाॅ. करन सिंह बताया। कहा कि आपकी बेटी को सुकन्या योजना में रुपये मिल रहे हैं। इसके लिए फोन पे का नंबर बताना होगा। भाभी फोन पे नहीं चलाती थीं। इसलिए उन्होंने रामअवतार से बात करा दी।
गैलरी से काॅपी कर लिया डाटा
काॅल करने वाले ने मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करा दिया। रामअवतार के मोबाइल में पैन, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो थीं। यह सब साइबर अपराधी ने ले लिए। इसके बाद फोन पे में रकम ट्रांसफर करने की बात कही। एक ओटीपी आया। उन्होंने ओटीपी डलवा दिया। इससे खाते से 12400 रुपये कट गए। इसके बाद उनके कागजात की मदद से साइबर अपराधी ने 3.67 लाख रुपये का पर्सनल लोन खाते पर ले लिया। 2.90 लाख रुपये निकाल लिए। इसकी जानकारी होने पर एकाउंट बंद करा दिया। अब बमरौली कटारा थाना पुलिस से शिकायत की है।
नहीं आएं झांसे में
- साइबर अपराधी मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग और एक्सिस एप डाउनलोड करा देते हैं। इससे मोबाइल चलाने से लेकर डाटा चोरी करते हैं। इसलिए किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर एप डाउनलोड नहीं करना चाहिए।
- लाटरी, बीमा पालिसी, नौकरी आदि के नाम पर रुपये मांगने वालों के झांसे में नहीं आना चाहिए।