सावधान: भीषण गर्मी में आक्रामक हुए कुत्ते, यदि काट ले तो शीघ्रता से कर लें ये 6 काम; कम हो जाएगा खतरा
डॉक्टर कहते हैं, कुत्ते के काटने के बाद शीघ्रता से इसके लिए प्राथमिक उपचार लेना चाहिए। यदि काटे हुए जगह पर घाव नहीं है तो उस हिस्से को गर्म पानी और साबुन से धो लें। आप एहतियात के तौर पर जीवाणुरोधी लोशन भी लगा सकते हैं।
विस्तार
ताजनगरी आगरा में गर्मी बढ़ने की वजह से कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। जिला अस्पताल में एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) लगवाने के लिए सोमवार को 462 मरीज पहुंचे। बीते महीने के मुकाबले ओपीडी में कुत्ता काटे के मरीज दोगुने हो गए हैं।
मरीजों की संख्या 450 के पार
एआरवी ओपीडी प्रभारी डॉ. केसी धाकड़ ने बताया कि गर्मी में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। 20-25 दिनों में एआरवी लगवाने वाले मरीजों की संख्या 450 के पार पहुंच गई है। 80 फीसदी मामले कुत्ता काटने और बाकी बंदर काटने के हैं। इनमें बच्चों की संख्या करीब 30 फीसदी है। जख्म देखकर इनकी डोज तय की जा रही है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि अभी 700 वाॅइल का स्टाक है और मरीज बढ़ते देख और वाॅइल मंगवाई गई हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले खतरा घाव के संक्रमण का रहता है। जहां तक बात रेबीज वायरस की है तो यह संक्रमित जानवर के लार के घाव के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है। रेबीज संक्रमण के लक्षण फ्लू के समान हो सकते हैं, जिसमें कमजोरी या बेचैनी, बुखार या सिरदर्द की समस्या होती है। काटने वाली जगह पर चुभन या खुजली भी बनी रह सकती है। इस प्रकार के संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए कुत्ते के काटने के आठ घंटे के भीतर रेबीज का इंजेक्शन लगवाना आवश्यक माना जाता है।
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इन छह बातों का ध्यान रखें
कुत्ते के काटने के बाद प्रारंभिक तौर पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।
सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।
किसी साफ कपड़े की मदद से रक्तस्राव को कम करने की कोशिश करें।
यदि आपके ओवर-द-काउंटर एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं।
प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें।
डॉक्टर की सलाह पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
कुत्ते के काटने के लक्षणों जैसे लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आदि पर विशेष ध्यान रखें। इसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।