{"_id":"6a3369c5fd40c5d3910bf263","slug":"dog-feeder-alleges-four-hour-illegal-detention-over-feeding-stray-dogs-in-agra-2026-06-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: गली में घूमने वाले कुत्तों को खाना खिला रहा था युवक, इसलिए पुलिस ने पकड़ लिया; चार घंटे तक थाने में बैठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: गली में घूमने वाले कुत्तों को खाना खिला रहा था युवक, इसलिए पुलिस ने पकड़ लिया; चार घंटे तक थाने में बैठाया
Thu, 18 Jun 2026 09:15 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 18 Jun 2026 09:15 AM IST
सार
आगरा में बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले एक डॉग फीडर ने सदर पुलिस पर चार घंटे तक अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। मामले के विरोध में पशु प्रेमियों ने नगर निगम पहुंचकर ज्ञापन दिया और डॉग फीडिंग से जुड़े मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
विज्ञापन
कुत्तो को खाना खिलाने पर पुलिस की सख्ती के विरोध में सहायक नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपती विनीता अरोड़ा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अपने घर के पास बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाना डॉग फीडर नवीन वशिष्ठ को भारी पड़ गया। कुत्ते के काटने की शिकायत पर सदर थाने की पुलिस ने उन्हें चार घंटे तक थाने में अवैध हिरासत में बैठाए रखा। पशु प्रेमियों ने कानून का हवाला दिया, तब जाकर नवीन को चेतावनी देकर छोड़ा गया। इस मामले के बाद पशु प्रेमियों ने बुधवार को नगर निगम में ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
नगर निगम की मानद पशु क्रूरता निवारण अभियान की प्रतिनिधि विनीता अरोड़ा के साथ नवीन वशिष्ठ और पशु प्रेमी बुधवार दोपहर नगर निगम पहुंचे। उन्होंने सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडे को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को 100 फुटा रोड, शमशाबाद रोड पर नवीन वशिष्ठ के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई।
ये भी पढ़ें - UP: नगर निगम ने नाला सफाई पर खर्च कर दिए तीन करोड़ रुपये, लेकिन ये तस्वीरें बयां कर रहीं हकीकत
ये भी पढ़ें - UP: नगर निगम ने नाला सफाई पर खर्च कर दिए तीन करोड़ रुपये, लेकिन ये तस्वीरें बयां कर रहीं हकीकत
विज्ञापन
एएडब्लूबीआई के 2015 के परिपत्र और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के अनुसार कुत्ता काटने/फीडिंग से जुड़ी शिकायतें पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं। ये नगर निगम का विषय है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अवैध हिरासत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। विनीता अरोड़ा ने सहायक नगर आयुक्त से कहा कि निगम की ओर से पुलिस कमिश्नर और थानों को नियमावली भेजी जाए और कहा जाए कि फीडिंग की शिकायतें नगर निगम को भेजी जाएं।
ये भी पढ़ें - UP Schools: यूपी बोर्ड ने 12 स्कूलों की मान्यता की रद्द, दो साल से परीक्षा में नहीं शामिल हुआ कोई छात्र
ये भी पढ़ें - UP Schools: यूपी बोर्ड ने 12 स्कूलों की मान्यता की रद्द, दो साल से परीक्षा में नहीं शामिल हुआ कोई छात्र
पुलिस अपराध और साक्ष्य के बिना डॉग फीडर्स को हिरासत में न ले। नगर निगम ऐसी शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करे। इस दौरान नवीन वशिष्ठ, सारिका तिवारी, अमृत पाल सिंह, सरगुन, श्वेता चावला, वंदना दुबे, अभ्युदय तिवारी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें - Deepti Sharma: दीप्ति ने रचा इतिहास, झूलन गोस्वामी के रिकॉर्ड की बराबरी; ऐसा करने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं
ये भी पढ़ें - Deepti Sharma: दीप्ति ने रचा इतिहास, झूलन गोस्वामी के रिकॉर्ड की बराबरी; ऐसा करने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं