अमर उजाला के अभियान के साथ आए डॉक्टर, 'झोलाछाप' के खिलाफ बुलंद करेंगे आवाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुखार, जुकाम-खांसी की दवा देने वाले झोलाछाप सर्जरी कर मरीजों की जान लेने लगे तो अमर उजाला ने इनके खिलाफ अभियान छेड़ा। इनके पनपने पर स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर कार्रवाई को मजबूर किया। इस मुहिम को सराहते हुए आईएमए भी साथ आ गया है।
शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में आईएमए पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम में चिकित्सकों ने झोलाछाप के खिलाफ आवाज बुलंद करने का एलान किया। पदाधिकारी बोले, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इसी तरह से कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से करें तो निश्चित ही झोलाछाप दुकान बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। आईएमए ने खुद के लिए भी गाइडलाइन बनाई है। आईएमए जल्द बैठक बुलाकर अपने सदस्यों को अवगत कराएगा।
आईएमए इन बातों पर खुद करेगा अमल:
- झोलाछाप के हॉस्पिटल में चिकित्सक इलाज करने नहीं जाएंगे।
- झोलाछाप के पर्चे पर अल्ट्रासाउंड-रक्त की जांच नहीं की जाएगी।
- डॉक्टर मरीजों को स्वास्थ्य बीमा कराने के लिए जागरूक करेंगे।
- चिकित्सकों के अस्पताल नवीनीकरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जाए।
- सीएचसी-पीएचसी पर चिकित्कीय सेवाएं दुरुस्त की जाएं। खासतौर से रात में।
- टीकाकरण की तरह गांवों में झोलाछाप से इलाज न कराने का प्रचार-प्रसार करें।
झोलाछाप का रैकेट तोड़ने को दिए सुझाव:
- स्वास्थ्य विभाग ब्लाक स्तर पर चरणबद्ध अभियान चलाकर झोलाछाप चिह्नित करें।
- झोलाछाप के अस्पताल और क्लीनिक को छापेमारी कर बंद कराया जाए।
- सीलिंग के बाद इनकी सूची संबंधित थाने भेजें, खुले मिलने पर मुकदमा दर्ज हो।
स्वास्थ्य विभाग को दी झोलाछाप की सूची
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अशोक शिरोमणि ने बताया कि झोलाछाप की सूची स्वास्थ्य विभाग को दी जा चुकी है। इनको ही बंद करा दिया जाए तो लगभग पूरी समस्या ही खत्म हो जाए। सचिव डॉ ओपी यादव ने कहा कि झोलाछाप के यहां आशा और एंबुलेंस चालक मरीजों के मुख्य जरिया हैं। स्वास्थ्य विभाग इन पर सख्ती बरते तो रैकेट कमजोर होगा।
लेप्रोस्कॉपिक सर्जन डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ब्लाक स्तर पर झोलाछाप चिह्नित करे, इसमें आईएमए भी साथ देगी। इन पर मुकदमा दर्ज करने पर ही नकेल डाली जा सकती है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी झोलाछाप को चिह्नित कर इन पर तत्काल कार्रवाई करे, इससे इनका रैकेट आगे नहीं बढ़ेगा।
कार्यक्रम में सर्जन डॉ अनूप अंबेश बोले, जिस पैथी का डॉक्टर है, उसी से इलाज करे। बोर्ड पर अपना नाम-डिग्री लिखे, जिससे झोलाछाप आसानी से पकड़ में आएंगे। डॉ. प्रीति भारद्वाज ने कहा कि डॉक्टरों के संस्थानों पर सख्ती से पहले झोलाछाप की दुकान बंद कराई जाएं, इससे गरीब मरीजों की जान नहीं जाएगी।