{"_id":"66a0f14ef33513d82c0ff04e","slug":"doctors-at-sn-medical-college-in-agra-said-if-bone-kept-in-stomach-it-will-remain-safe-for-three-months-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेहत समाचार: तीन महीने तक पेट में सुरक्षित रहेगी हड्डी, पढ़ें डॉक्टर के दावे की हैरान करने वाली टेक्निक?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेहत समाचार: तीन महीने तक पेट में सुरक्षित रहेगी हड्डी, पढ़ें डॉक्टर के दावे की हैरान करने वाली टेक्निक?
Wed, 24 Jul 2024 06:00 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 24 Jul 2024 06:00 PM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार सिर की जटिल सर्जरी की गई। डॉक्टर ने दावा किया हड्डी को पेट में रखने से तीन महीने तक सुरक्षित रहेगी।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में जटिल सर्जरी करने वाली टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में पहली बार सिर की जटिल सर्जरी की गई है। जगदीशपुरा का 30 साल का युवक सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसके सिर में खून का थक्का जमने पर खोपड़ी का कुछ हिस्सा हटाकर मरीज के पेट में रखा गया है। तीन महीने बाद मरीज के सामान्य होने पर फिर इसे लगा दिया जाएगा।
विज्ञापन
एसएन के न्यूरोसर्जन डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि 20 जुलाई को दुर्घटना में युवक के दिमाग में खून भर गया और थक्का जम गया। 21 जुलाई को सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में भर्ती कर ऑपरेशन किया। इसके लिए खोपड़ी का 10x8 सेंटीमीटर का टुकड़ा हटाना पड़ा। इसे मरीज के पेट में सुरक्षित रखा गया। इस तकनीक को डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टोमी बोला जाता है। अभी मरीज आईसीयू में है।
विज्ञापन
हालत में सुधार होने पर इसे सामान्य वार्ड में लेकर जाएंगे। चलने-फिरने और सामान्य होने तक इसे पेट में ही रखा जाएगा। इससे टुकड़ा संक्रमित नहीं होगा। करीब तीन महीने बाद मरीज की सर्जरी कर फिर से यह टुकड़ा सिर में जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक होने से अब गंभीर जटिल सर्जरी भी हो रही हैं। ऑपरेशन टीम में यूनिट हेड डॉ. गौरव धाकरे, डॉ. आदित्य, डॉ. तरुणेश शर्मा और आईसीयू प्रभारी डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल शामिल रहे।