फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Doctor Successful Operation man Brain Under Ayushman Yojna In Firozabad

Firozabad: सिर की हड्डी पेट में रखकर चार साल से घूम रहे सर्वेश की हुई सर्जरी, 'आयुष्मान' से मिली नई जिंदगी

Mon, 28 Nov 2022 12:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 28 Nov 2022 12:03 AM IST
सार

न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता ने बताया कि सर्वेश का दूसरे चरण का ऑपरेशन तीन माह बाद ही होना था। पहला ऑपरेशन चार साल पहले हुआ था। सिर की हड्डी (स्किन बोन) पेट में रखी थी।

विज्ञापन
Doctor Successful Operation man Brain Under Ayushman Yojna In Firozabad
सर्वेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद में आयुष्मान भारत योजना से सर्वेश सिंह को नई जिंदगी मिली। चार साल से सिर की हड्डी को पेट में रखकर सर्वेश दर्द भरा जीवन जीता रहा। जब आयुष्मान कार्ड मिला तो सिर का ऑपरेशन और पेट का एक साथ ऑपरेशन हुआ। अब सर्वेश पूरी तरह स्वस्थ्य है। ऐसा जटिल ऑपरेशन जिले में पहली बार आयुष्मान योजना के अंतर्गत संभव हो सका है।

विज्ञापन


मैनपुरी जिले के घिरोर निवासी सर्वेश सिंह का वर्ष 2018 में एक्सीडेंट हो गया था। इससे सर्वेश के सिर में गहरी चोट आईं थी। उसे प्राइवेट ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। दिगाम में अत्यधिक सूजन आ जाने के कारण ऑपरेशन करते समय सर्वेश की सिर की हड्डी को पेट में रखा गया, ताकि हड्डी खराब न हो और तीन माह बाद ऑपरेशन के माध्यम से पेट से हटाकर फिर से सिर में जोड़ी जानी थी। मगर, सर्वेश घर का मुखिया था, तो ऑपरेशन के लिए धन नहीं जोड़ सका।

विज्ञापन

हर रोज सहा दर्द

सर्वेश हर रोज पेट में रखी हड्डी और सिर के दर्द को सहता रहा। जब परेशानी बढ़ गई तो परिजन प्राइवेट ट्रामा सेंटर में न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता के पास उसे लाए। यहां डॉ. निमित ने मरीज का आयुष्मान सूची में नाम चेक कराकर गोल्डन कार्ड बनवाया। इसके बाद  न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता ने सफल ऑपरेशन किया और पेट से हड्डी निकालकर पुन: सिर में लगाया। अब सर्वेश पूरी तरह स्वस्थ्य है। मरीज सर्वेश की सास  कृष्णा रानी ने बताया कि गरीब तबके से होने के कारण सर्वेश चार साल दर्द सहता रहा। आयुष्मान ने जीवनदान दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - UP: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद बोले- सपाई अगर रुपये दें तो ले लेना, वोट भाजपा को देना, अखिलेश पर कसा ये तंज

दूसरे चरण का हुआ ऑपरेशन: डॉ. निमित

न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता ने बताया कि सर्वेश का दूसरे चरण का ऑपरेशन तीन माह बाद ही होना था। पहला ऑपरेशन चार साल पहले हुआ था। सिर की हड्डी (स्किन बोन) पेट में रखी थी। सिर में हड्डी न होने से चोट का खतरा, सिरदर्द, पेट दर्द करवट न ले पाना सहित अन्य समस्याएं रहती हैं। एक समय में पेट और दिमाग का ऑपरेशन एक साथ होता है। यह जटिल ऑपरेशन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed