{"_id":"69cd8a09328e8db2f603c3cd","slug":"doctor-not-visible-on-cctv-license-to-be-suspended-agra-news-c-25-1-agr1036-1024468-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिखे डाॅक्टर, लाइसेंस होगा निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिखे डाॅक्टर, लाइसेंस होगा निलंबित
विज्ञापन
आगरा। चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस का पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें प्रवेश द्वार और डॉक्टर के चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। निरीक्षण में डॉक्टर मौके और सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिखे तो अस्पताल-लैब का लाइसेंस निलंबित होगा। ऐसे ही 17 बिंदुओं पर खरा उतरने पर लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग में 30 अप्रैल तक लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। इसमें डॉक्टर का नाम, डिग्री, शपथ पत्र, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, आईसीयू, बेड, बायोमेडिकल वेस्ट, अग्निशमन विभाग की एनओसी समेत 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट लगेगी। सबसे खास डॉक्टर के चैंबर और प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। कई बार मरीजों की मौत समेत इलाज में लापरवाही की शिकायत सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर डॉक्टर की उपस्थिति और इलाज की पुष्टि हो सकेगी। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन के बाद भौतिक सत्यापन होगा। अधूरे मानकों वाले अस्पताल-लैब का लाइसेंस निलंबित होगा।
ये हैं महत्वपूर्ण बिंदु:
डॉक्टरों का नाम डिग्री का बोर्ड अस्पताल-लैब के बाहर लगाना होगा।
अस्पताल में मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधाएं और शुल्क दर्ज करना होगा।
आग से निपटने के इंतजाम। अग्निशमन विभाग की एनओसी और ऑडिट रिपोर्ट।
बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण, बेसमेंट में वार्ड-आईसीयू नहीं होना चाहिए।
आईसीयू के नाम पर जान से खिलवाड़, नहीं हुई कार्रवाई
कई अस्पतालों में आईसीयू के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें से कई अस्पतालों में आईसीयू के लिए 24 घंटे डॉक्टर नहीं है। इससे कई मरीजों की मौत भी हुई। इस पर 45 अस्पताल चिह्नित किए थे, जिन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में 30 अप्रैल तक लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। इसमें डॉक्टर का नाम, डिग्री, शपथ पत्र, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, आईसीयू, बेड, बायोमेडिकल वेस्ट, अग्निशमन विभाग की एनओसी समेत 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट लगेगी। सबसे खास डॉक्टर के चैंबर और प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। कई बार मरीजों की मौत समेत इलाज में लापरवाही की शिकायत सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर डॉक्टर की उपस्थिति और इलाज की पुष्टि हो सकेगी। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन के बाद भौतिक सत्यापन होगा। अधूरे मानकों वाले अस्पताल-लैब का लाइसेंस निलंबित होगा।
विज्ञापन
ये हैं महत्वपूर्ण बिंदु:
डॉक्टरों का नाम डिग्री का बोर्ड अस्पताल-लैब के बाहर लगाना होगा।
अस्पताल में मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधाएं और शुल्क दर्ज करना होगा।
आग से निपटने के इंतजाम। अग्निशमन विभाग की एनओसी और ऑडिट रिपोर्ट।
बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण, बेसमेंट में वार्ड-आईसीयू नहीं होना चाहिए।
आईसीयू के नाम पर जान से खिलवाड़, नहीं हुई कार्रवाई
कई अस्पतालों में आईसीयू के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें से कई अस्पतालों में आईसीयू के लिए 24 घंटे डॉक्टर नहीं है। इससे कई मरीजों की मौत भी हुई। इस पर 45 अस्पताल चिह्नित किए थे, जिन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन