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Agra: पाठ्यक्रम से अलग किताबें, स्टेशनरी न बेचें...डीएम ने कहा- मनमानी कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई

Sat, 05 Apr 2025 09:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 05 Apr 2025 09:48 AM IST
सार

डीएम ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों, व्यापारियों के साथ बैठक में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किताबें खरीदने पर जीएसटी नंबर के साथ बिल देना होगा।
 

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Do not sell books with stationery DM said- action will be taken against charging arbitrary prices
डीएम आगरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मिशनरी और निजी स्कूल की किताबें बेचने वाले दुकानदारों को जीएसटी नंबर के साथ बिल देना होगा। पाठ्यक्रम से अलग गैरजरूरी किताबें और स्टेशनरी नहीं बेची जाएगी। किताबों की मनमानी कीमत दुकानदार नहीं वसूल सकेंगे। ऐसा किया तो कार्रवाई होगी। ज्योमेट्री बॉक्स, ए-4 साइज सिंगल लाइन कॉपी समेत अन्य सामान लेने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। अभिभावक किसी भी दुकान से और खुले बाजार से किताबें और स्टेशनरी लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
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ये निर्देश डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्टेशनरी विक्रेताओं को दिए हैं। उन्होंने मिशनरी और निजी स्कूलों के बस्ते, किताबें बेचने पर मनमानी कीमत वसूलने की शिकायतों पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और दुकानदारों के साथ बैठक की। डीएम ने विक्रेताओं को चेतावनी दी कि वो जो भी किताबें, स्टेशनरी बेचेंगे, उस पर जीएसटी नंबर के साथ बिल जरूर देंगे। अपना बनाया पूरा सेट बेचने की जगह अभिभावकों को फुटकर किताबें देनी होंगी। बिना बिल के कोई स्टेशनरी, किताबें बेचता मिला तो बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जीएसटी अधिकारियों को जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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स्कूल में नहीं लगाई जाएंगी स्टॉल
डीएम की बैठक में अभिभावकों ने कहा कि स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें एक हजार से कम आ रही हैं, पर उसके साथ विक्रेता 5 हजार रुपये की गैरजरूरी एक्सरसाइज बुक, स्टेशनरी, ज्योमेट्री बॉक्स, सप्लीमेंटरी मैटेरियल दे रहे हैं। पाठ्यक्रम से अलग किताबें नहीं लेने पर विक्रेता किताबों का सेट नहीं दे रहे। फुटकर किताबें नहीं दी जा रहीं। डीएम ने तत्काल ही विक्रेताओं से कहा कि अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। स्कूल प्रबंधन अपने परिसर में कोई स्टॉल किसी स्टेशनरी विक्रेता की नहीं लगाएंगे। ऐसा हुआ तो कानूनी कार्रवाई के साथ निजी स्कूल की मान्यता भी समाप्त करा दी जाएगी। डीएम ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों, व्यापारियों के साथ बैठक में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किताबें खरीदने पर जीएसटी नंबर के साथ बिल देना होगा।

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व्यापार मंडल, शिक्षा विभाग, जीएसटी रखेंगे निगरानी
डीएम ने स्कूल संचालकों से कहा कि स्कूल बैग के नाम पर हो रही धांधली रोकनी होगी। जीएसटी अधिकारी, शिक्षा विभाग और व्यापार मंडल के सदस्यों से निगरानी के लिए कहा गया है। डीएम ने कहा कि यूपी सेल्फ फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल एक्ट-2018 के तहत एक ही दुकान से स्टेशनरी, किताबें खरीदने, मोनोग्राम लगी स्टेशनरी बेचना दंडनीय अपराध है। ऐसा न करें। व्यापार मंडल के जय पुरसनानी ने अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाने की अपील की। बैठक में डीआईओएस चंद्रशेखर, नगर शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार, दीपक सरीन, स्कूल प्रबंधक और स्टेशनरी विक्रेताओं के साथ अभिभावक मौजूद रहे।
 
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