फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Diwali celebrated with great pomp in Tajnagari agra

दिवाली 2023: रंगीन झालरों में झिलमिलाई ताजनगरी, खुशियों के दीप हुए रोशन;  जमकर हुई आतिशबाजी

Mon, 13 Nov 2023 07:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 13 Nov 2023 07:54 AM IST
सार

अंधेरे पर उजाले की जीत का प्रतीक पर्व दिवाली रविवार को धूमधाम से मनाया गया। दीपों की सुंदर कतार और टिमटिमाती-जगमगाती रंग-बिरंगी रोशनी से घर-गली, मुहल्ले और सड़कें रोशन रही।
 

विज्ञापन
Diwali celebrated with great pomp in Tajnagari agra
आगरा में मनाई दिवाली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिवाली का पावन पर्व ताजनगरी में धूमधाम से मनाया गया। खुशियों के दीप घर-घर में जगमग हुए। हरित पटाखों को चलाने की अनुमति दी तो ताजनगरी में जमकर आतिशबाजी हुई। बंदनवार से सजे घरों को रंगबिरंगी बिजली की झालरों के साथ रंगोली से सजाया गया। शाम होते ही घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया गया। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरा शहर सज-धजकर तैयार था।
विज्ञापन


शहर के गली-मोहल्ले, कॉलोनी, बाजार, शोरूम सतरंगी रोशनी से जगमग दिखे। हर कोना फूलों से महका। शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजन हुआ। इसके बाद लोगों ने दीप जलाए। फिर आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। ताजनगरी का आसमान रंग बिरंगी आतिशबाजी से रंगीन दिखाई दिया। देर रात तक पटाखों की गूंज सुनाई देती रही। 
विज्ञापन


ये है मान्यता
त्रेता युग में भगवान राम जब लंकापति रावण का वध कर अयोध्या लौटे तो उनके आगमन पर दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था और खुशियां मनाई गई थीं। इसी कारण प्रति वर्ष इस तिथि (कार्तिक अवामस्या) को दिवाली मनाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुमन बृष्टि नभ संकुल भवन चले सुखकंद।
चढ़ी अटारिन्ह देखहिं नगर नारि नर बृंद॥  
भावार्थ : आनंदकन श्रीरामजी अपने महल को चले, आकाश फूलों की वृष्टि से छा गया, नगर के स्त्री-पुरुषों के समूह अटारियों पर चढ़कर उनके दर्शन कर रहे हैं।


गोवर्धन पूजा (14 नवंबर)
गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाते हैं। इस दिन गोवर्धन पर्वत, भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता की पूजा करने का विधान है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवताओं के राजा इंद्र के अहंकार को नष्ट किया था। इस दिन मंदिरों के अलावा कॉलोनी आदि में गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान के बड़े सुंदर प्रतिरूप बनाकर पूजा की जाती है।


भाई दूज (15 नवंबर)
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हर वर्ष भाई दूज के रूप में मानते हैं। इस पर्व को सबसे पहले यमुना जी ने अपने भाई यमराज को तिलक किया था इससे प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को उपहार स्वरूप यह वचन दिया था कि वर्ष में एक बार मैं आपके पास अवश्य आऊंगा। जो भाई अपनी बहन से इस दिन तिलक करवाएगा, साथ में यमुना नदी में स्नान करेंगे उनको अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed