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दो साल से नहीं रेडियोलॉजिस्ट, भटक रहे हैं मरीज
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जिला अस्पताल बंद अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन कक्ष
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में पिछले दो साल से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन और सीटी स्कैन बंद पड़ा हुआ है। जिससे जिले के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में पेट और हेड इंजरी के मरीजों की कमी नहीं है। हर रोज इन बीमारियों से पीड़ित 70 से 80 मरीज जिला अस्पताल ऐसे पहुंचते हैं जिनकी जांच के लिए अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की जरूरत होती है। लेकिन जिला अस्पताल में यह व्यवस्था पिछले दो साल से बंद पड़ी हुई है। हालात यह हैं कि अब इन बीमारियों के मरीजों को जिला अस्पताल से रेफर किया जा रहा है।
जो इलाज यहां मात्र एक रुपये में मिल सकता है उस इलाज के लिए मरीजों को आगरा, सैफई, कानपुर व दिल्ली के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जन प्रतिनिधि हर बार वादा करते हैं, लेकिन अभी तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है जहां उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है।
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अब तक लिखे जा चुके हैं 20 पत्र
मैनपुरी। जिले में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण सीएमएस द्वारा उच्चाधिकारियों को दो साल में 20 पत्र लिखे जा चुके हैं। जिसमें रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है। लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विशेष जरूरत पर महिला अस्पताल से ली जाती है मदद
मैनपुरी। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लेकर कोई विशेष जरूरत पड़ती है तो जिला महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट की मदद ली जाती है। ये सेवा सभी मरीजों के लिए नहीं है। कोई वीईपी और अधिकारी के लिए ही यह सेवा यहां उपलब्ध है।
रेडियोलॉजिस्ट के लिए उच्चाधिकारियों को कईबार पत्र लिखे जा चुके हैं। ऐसे में जितनी जांच संभव है उससे ही काम लिया जाता है। जरूरत पडने पर महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट की मदद ली जा रही है।
डॉ. आरके सागर सीएमएस
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जिले में पेट और हेड इंजरी के मरीजों की कमी नहीं है। हर रोज इन बीमारियों से पीड़ित 70 से 80 मरीज जिला अस्पताल ऐसे पहुंचते हैं जिनकी जांच के लिए अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की जरूरत होती है। लेकिन जिला अस्पताल में यह व्यवस्था पिछले दो साल से बंद पड़ी हुई है। हालात यह हैं कि अब इन बीमारियों के मरीजों को जिला अस्पताल से रेफर किया जा रहा है।
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जो इलाज यहां मात्र एक रुपये में मिल सकता है उस इलाज के लिए मरीजों को आगरा, सैफई, कानपुर व दिल्ली के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जन प्रतिनिधि हर बार वादा करते हैं, लेकिन अभी तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है जहां उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है।
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अब तक लिखे जा चुके हैं 20 पत्र
मैनपुरी। जिले में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण सीएमएस द्वारा उच्चाधिकारियों को दो साल में 20 पत्र लिखे जा चुके हैं। जिसमें रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है। लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विशेष जरूरत पर महिला अस्पताल से ली जाती है मदद
मैनपुरी। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लेकर कोई विशेष जरूरत पड़ती है तो जिला महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट की मदद ली जाती है। ये सेवा सभी मरीजों के लिए नहीं है। कोई वीईपी और अधिकारी के लिए ही यह सेवा यहां उपलब्ध है।
रेडियोलॉजिस्ट के लिए उच्चाधिकारियों को कईबार पत्र लिखे जा चुके हैं। ऐसे में जितनी जांच संभव है उससे ही काम लिया जाता है। जरूरत पडने पर महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट की मदद ली जा रही है।
डॉ. आरके सागर सीएमएस