{"_id":"6a59212bca1f5e42230e5cf1","slug":"district-consumer-commission-rules-in-favor-of-farmer-in-farm-loan-waiver-scheme-case-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: किसान को कृषि ऋण माफी योजना देने से किया वंचित, अब बैंक प्रबंधक को ब्याज सहित अदा करनी होगी रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: किसान को कृषि ऋण माफी योजना देने से किया वंचित, अब बैंक प्रबंधक को ब्याज सहित अदा करनी होगी रकम
Thu, 16 Jul 2026 11:51 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:51 PM IST
सार
किसान को कृषि ऋण माफी योजना से वंचित करना बैंक अधिकारी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने बैंक अधिकारी को रकम देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
आयोग का आदेश
- फोटो : ANI
विस्तार
बैंक कर्मचारियों ने खाते को अमान्य बताकर किसान को कृषि ऋण माफी योजना से वंचित कर दिया। पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, किरावली के शाखा प्रबंधक से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित ऋण माफी की रकम 81,303 रुपये किसान को दिलाने के आदेश दे दिए। मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के जुर्माने के रूप में 15 हजार रुपये अलग से देने होंगे।
किरावली के गांव अभुआपुरा निवासी घनश्याम ने 19 फरवरी, 2021 में आयोग में वाद दायर कर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी और भाई की जमीन को बंधक रख स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 18 जुलाई, 2014 को कृषि ऋण लिया था। 11 अप्रैल, 2017 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि ऋण मोचन योजना की घोषणा की गई। योजना के अंतर्गत दो हेक्टेयर तक की सीमा वाले किसानों का एक लाख रुपये का ऋण माफ किया गया था। 14 अप्रैल, 2017 को वह बैंक पहुंचे तो 15 दिन बाद आने को कहा गया।
फिर से बैंक जाने पर कहा कि उनका नाम कृषि ऋण माफी योजना के दायरे में आ गया है, आप निश्चिंत रहे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष आपके नाम की सिफारिश की जा चुकी है। 18 अक्तूबर, 2017 को पता चला कि बैंक खाता अमान्य बताकर ऋण माफी योजना में उनका नाम ही शामिल नहीं किया। इस घटना से मां पार्वती देवी को गहरा सदमा लगा। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
किरावली के गांव अभुआपुरा निवासी घनश्याम ने 19 फरवरी, 2021 में आयोग में वाद दायर कर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी और भाई की जमीन को बंधक रख स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 18 जुलाई, 2014 को कृषि ऋण लिया था। 11 अप्रैल, 2017 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि ऋण मोचन योजना की घोषणा की गई। योजना के अंतर्गत दो हेक्टेयर तक की सीमा वाले किसानों का एक लाख रुपये का ऋण माफ किया गया था। 14 अप्रैल, 2017 को वह बैंक पहुंचे तो 15 दिन बाद आने को कहा गया।
विज्ञापन
फिर से बैंक जाने पर कहा कि उनका नाम कृषि ऋण माफी योजना के दायरे में आ गया है, आप निश्चिंत रहे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष आपके नाम की सिफारिश की जा चुकी है। 18 अक्तूबर, 2017 को पता चला कि बैंक खाता अमान्य बताकर ऋण माफी योजना में उनका नाम ही शामिल नहीं किया। इस घटना से मां पार्वती देवी को गहरा सदमा लगा। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन