{"_id":"5ce7b9e1bdec22072c332491","slug":"district-committee-seek-report-of-fake-teachers-in-firozabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता हटने के बाद अब फर्जी शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता हटने के बाद अब फर्जी शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Fri, 24 May 2019 03:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 24 May 2019 03:01 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद जिले में आचार संहिता हटने के बाद फर्जी शिक्षकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। जांच कर रही जिला कमेटी ने 28 मई को संदिग्ध सूची में आए शिक्षकों को प्रस्तुत होने के लिए कहा है। साथ ही डायट प्राचार्य को भर्ती के दौरान प्रयोग की गई मेरिट की मदर लिस्ट के साथ उपस्थित रहने को कहा है। कई डिग्री कॉलेज के प्राचार्य भी उपस्थित रहेंगे।
पहले सुनवाई 27 मई को रखी गई थी। इसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया था। मगर अब जिला कमेटी ने संदिग्ध शिक्षकों की सुनवाई 28 मई को निर्धारित कर दी है। इसमें संदिग्ध शिक्षकों के साथ ही उन कालेजों के प्राचार्यों को बुलाया है, जो संदिग्ध शिक्षकों का कालेज से सत्यापन नहीं कर रहे हैं।
उनसे पूछा जाएगा कि किस कारण कालेज से सत्यापन नहीं किया जा रहा है। वहीं, डायट प्राचार्य से भी शिक्षक भर्ती के दौरान मेरिट की मदर सूची मांगी है। क्योंकि कई शिक्षक मूल अंकतालिकाओं में हेरफेर करके भर्ती हो गए थे। बीएसए अरविंद पाठक ने बताया कि अब जिला कमेटी 28 मई को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
डायट से लेकर बीएसए कार्यालय तक पूर्व में फर्जी शिक्षकों का कोकस रहा है। इसमें अयोग्य शिक्षकों को भी फर्जी अंकतालिका के सहारे नियुक्ति दिला दी थी। विभागीय लोगों के मुताबिक वह फर्जी पत्रावलियां छुपाने के लिए आज भी वेतन का कुछ हिस्सा महीनेदारी के रूप में पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
पहले सुनवाई 27 मई को रखी गई थी। इसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया था। मगर अब जिला कमेटी ने संदिग्ध शिक्षकों की सुनवाई 28 मई को निर्धारित कर दी है। इसमें संदिग्ध शिक्षकों के साथ ही उन कालेजों के प्राचार्यों को बुलाया है, जो संदिग्ध शिक्षकों का कालेज से सत्यापन नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
उनसे पूछा जाएगा कि किस कारण कालेज से सत्यापन नहीं किया जा रहा है। वहीं, डायट प्राचार्य से भी शिक्षक भर्ती के दौरान मेरिट की मदर सूची मांगी है। क्योंकि कई शिक्षक मूल अंकतालिकाओं में हेरफेर करके भर्ती हो गए थे। बीएसए अरविंद पाठक ने बताया कि अब जिला कमेटी 28 मई को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
डायट से लेकर बीएसए कार्यालय तक पूर्व में फर्जी शिक्षकों का कोकस रहा है। इसमें अयोग्य शिक्षकों को भी फर्जी अंकतालिका के सहारे नियुक्ति दिला दी थी। विभागीय लोगों के मुताबिक वह फर्जी पत्रावलियां छुपाने के लिए आज भी वेतन का कुछ हिस्सा महीनेदारी के रूप में पहुंचाते हैं।