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ई-साक्ष्य एप: मुकदमों में जल्द होगी सुनवाई, मोबाइल से दर्ज हो रहे बयान...पुलिस का सबसे बड़ा झंझट खत्म

Mon, 22 Sep 2025 09:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 22 Sep 2025 09:05 AM IST
सार

पुलिस के लिए केस से संबंधित साक्ष्यों को पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी के माध्यम से सुरक्षित रखने का झंझट खत्म हो गया है। अब इन सबकी जानकारी ई साक्ष्य एप में दर्ज करनी होगी। इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस को 1683 मोबाइल फोन मिल गए हैं। 

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Digital Revolution in Agra Police: E-Saakshya App Allows Mobile Recording of Statements Faster Case Hearings
ई-साक्ष्य एप - फोटो : संवाद

विस्तार

पुलिस को विवेचक मोबाइल में एप के माध्यम से पीड़ितों और गवाहों के बयान, सीजर की कार्रवाई और क्राइम सीन तक के फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इससे जहां केस की सुनवाई में तेजी आएगी। वहीं पुलिस को साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए नहीं जाना होगा। एप के माध्यम से एक क्लिक पर जानकारी मिल जाएगी।
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जुलाई 2024 में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू हुई थी। इसमें इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों पर जोर दिया गया था। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि अपराध होने पर क्राइम सीन लिया जाता है। इसके लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जाती है। घटनास्थल पर मिले पीड़ित और अन्य लोगों से बात की जाती है। साथ ही तलाशी और सीजर की कार्रवाई तक होती है। अपराधियों की धरपकड़ में भी ऐसा किया जाता है।
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इन सभी को कागजों में दर्ज किया जाता है। पहले बयानों की वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी सहित अन्य को पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी में सुरक्षित रखा जाता था। इसके बाद कोर्ट में पेश करते थे। कई बार इनके खराब होने की शिकायत होती थी। ऐसे में साक्ष्य नष्ट होने का खतरा रहता है। ई साक्ष्य एप के माध्यम से यह सीधे अपलोड हो जाएंगे। इनका एक नंबर मिल जाएगा। इसके बाद कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

 

खराब होने पर साक्ष्य प्रभावित होने का रहता है खतरा
दीवानी के अधिवक्ता अनूप शर्मा ने बताया कि पेन ड्राइव और सीडी में साक्ष्यों को पेश किया जाता है। कई बार सीडी और पेन ड्राइव खराब हो जाती हैं। इस कारण चल नहीं पाती हैं। कई बार इनमें गड़बड़ी की आशंका रहती है। इससे केस में साक्ष्य प्रभावित होने का खतरा रहता है। ई साक्ष्य एप के माध्यम से कोर्ट में सीधे साक्ष्य दिखाते हुए बहस की जा सकेगी।

 
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लोगों को मिलेगा फायदा
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि ई साक्ष्य का सीधा फायदा लोगों को होगा। पीड़ितों के बयान एक बार लेने के बाद बदलाव नहीं हो सकता है। इसके साथ ही जो भी फोटो अपलोड हो जाएंगे, उनको हटाया नहीं जा सकेगा। ई कोर्ट के माध्यम से एक क्लिक पर इन साक्ष्यों को आसानी से देखा जा सकेगा। इससे समय भी बच जाएगा।


 

थ्री-डी कैमरा पर चल रहा काम
आगरा कमिश्नरेट पुलिस थ्री डी कैमरा पर भी काम कर रही है। इसमें घटनास्थल की थ्री इमेज ली जाएगी। इसके बाद पोर्टल पर क्राइम सीन में दर्ज हो जाएगी। हालांकि कैमरा न होने की वजह से इसे अभी शुरू नहीं किया जा सका है। पुलिस मोबाइल से ही इमेज बनाने में लगी है। इसके बाद इसे ई साक्ष्य पर दर्ज किया जा रहा है।
 
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