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यात्रा करने को करनी पड़ रही मशक्कत, वाहनों में नहीं मिल रही जगह
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कासगंज में बस स्टेंड पर बस में सवार होने को मशक्कत करते यात्री ।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। होली के त्योहार पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए वाहनों में जगह नहीं मिल रही है। लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करके यात्रा करनी पड़ रही है। अधिकांश बसें दिल्ली रूट पर लगाए जाने से लोकल यात्रियों को परेशानी हो रही है।
दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा आदि महानगरों में बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए रहते हैं। पर्व पर सभी लोग घर आते हैं। होली की छुट्टी के साथ ही लोगों ने आना शुरू कर दिया है। रोडवेज के द्वारा दिल्ली रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई गई। 86 बसों में से 55 बसें दिल्ली रूट पर लगाई गई हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या के कारण यह भी कम पड़ रही हैं। बसों में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें वाहनों में जगह नहीं मिल रही है। बस के स्थान पाने के लिए लोग धक्कामुक्की कर रहे हैं। बसों में यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं दिल्ली रूट पर अधिक बसों के लग जाने से लोकल रूटों पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या के लिए वाहनों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आगरा, अलीगढ़, दिल्ली एवं मथुरा डिपो की बसों से बरेली की ओर जाने वाले यात्री मंगलवार की देर रात कासगंज तक तो पहुंच गए, इसके बाद उन्हें वाहन नहीं मिले। जब इसकी जानकारी डिपो के संचालन प्रभारी को हुई तो उन्होंने बरेली रूट पर अतिरिक्त पांच बसें लगाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
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होली के त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों पर पर्व मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं रिश्तेदारी आदि में भी लोगों का आवागमन हैं। वहीं दिल्ली रूट पर 55 बसों के लगे होने एवं अन्य डिपो की बसों के संचालन होने से भले ही दिक्कतें कम हों, लेकिन बस स्टेशन पहुंचने के बाद लोकल रूटों पर जाने के लिए दिक्कत हो रही है। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्राइवेट और डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर यात्रा करनी पड़ रही है।
यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए अधिकांश बसों को दिल्ली रूट पर लगाया गया है। शेष बसों को लोकल रूटों पर लगाया गया है। बसों की कमी को पूरा करने के लिए बसों के फेरे बढ़ा गए हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।
बृजेश कुमार, रोडवेज बस संचालन प्रभारी
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दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा आदि महानगरों में बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए रहते हैं। पर्व पर सभी लोग घर आते हैं। होली की छुट्टी के साथ ही लोगों ने आना शुरू कर दिया है। रोडवेज के द्वारा दिल्ली रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई गई। 86 बसों में से 55 बसें दिल्ली रूट पर लगाई गई हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या के कारण यह भी कम पड़ रही हैं। बसों में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें वाहनों में जगह नहीं मिल रही है। बस के स्थान पाने के लिए लोग धक्कामुक्की कर रहे हैं। बसों में यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं दिल्ली रूट पर अधिक बसों के लग जाने से लोकल रूटों पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या के लिए वाहनों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आगरा, अलीगढ़, दिल्ली एवं मथुरा डिपो की बसों से बरेली की ओर जाने वाले यात्री मंगलवार की देर रात कासगंज तक तो पहुंच गए, इसके बाद उन्हें वाहन नहीं मिले। जब इसकी जानकारी डिपो के संचालन प्रभारी को हुई तो उन्होंने बरेली रूट पर अतिरिक्त पांच बसें लगाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
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होली के त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों पर पर्व मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं रिश्तेदारी आदि में भी लोगों का आवागमन हैं। वहीं दिल्ली रूट पर 55 बसों के लगे होने एवं अन्य डिपो की बसों के संचालन होने से भले ही दिक्कतें कम हों, लेकिन बस स्टेशन पहुंचने के बाद लोकल रूटों पर जाने के लिए दिक्कत हो रही है। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्राइवेट और डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर यात्रा करनी पड़ रही है।
यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए अधिकांश बसों को दिल्ली रूट पर लगाया गया है। शेष बसों को लोकल रूटों पर लगाया गया है। बसों की कमी को पूरा करने के लिए बसों के फेरे बढ़ा गए हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।
बृजेश कुमार, रोडवेज बस संचालन प्रभारी