Dhanteras 2022: सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग में होगी धनतेरस की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया धनतेरस की पूजा का समय शाम 7: 17 से लेकर 9:14 तक रहेगा। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी की पूजा का विधान है।
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धनतेरस की पूजा का समय शाम 7: 17 से लेकर 9:14 तक अति शुभ रहेगा। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि समुद्र मंथन से 14 रत्न के रूप में भगवान धनवंतरि प्रकट हुए जो हाथों में अमृत कलश लिए हुए थे। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का प्राकट्य पर्व मनाने का विधान है। रविवार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग दिन भर व अमृत सिद्धि योग 2:33 दोपहर से लेकर रात्रि तक रहेगा।
कोई भी धातु खरीदना होता है शुभ
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, झाड़ू और बर्तन आदि खरीदने की परंपरा वर्षो से चल रही है। ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर आपके घर में वास करती हैं। भगवान धनवंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए कोई भी धातु खरीदना शुभ माना जाता है।
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ऐसे करें पूजा
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में भगवान धनवंतरि की मूर्ति को पूर्व दिशा में स्थापित करें। सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश जी की पूजा करने के उपरांत धनवंतरी जी का पूजन रोली, पुष्पमाला, अक्षत, पान, फल से करें। संध्या के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक की रोशनी करनी चाहिए। धनतेरस के दिन घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर चार बातियों का दीपक प्रज्वलित करें।
धनतेरस पर क्या खरीदें
श्रीगणेश और लक्ष्मी की चांदी या मिट्टी की मूर्तियां। मूर्ति की जगह चांदी का सिक्का भी खरीद सकते हैं जिस पर गणेश-लक्ष्मी चित्रित हों। इन पर केसर का तिलक करके पूजन करें और लाल या पीले कपड़े पर रख दें। दीपावली पूजन में भी इन सिक्कों या मूर्तियों का पूजन करें और फिर इन्हें अपनी तिजोरी में रख दें।
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