'पहचान' से खत्म होगा अपराध: एक क्लिक पर सामने आएगी अपराधियों की कुंडली, जानें क्या है यूपी पुलिस का प्लान?
अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यूपी पुलिस ने बड़ा प्लान तैयार किया है। ऑपरेशन पहचान एप अब पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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आगरा जोन में पुलिस ऑपरेशन पहचान एप से अपराधियों की निगरानी कर रही है। अपराध और अपराधियों का लेखा-जोखा रखा जा रहा है। एक क्लिक पर ही उनकी कुंडली सामने आ रही है। जल्द ही ये एप पूरे प्रदेश की पुलिस के लिए लागू किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को आगरा आए प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी मुकुल गोयल ने एप को लेकर संतुष्टि जाहिर की।
नवनिर्मित कार्यालय का किया निरीक्षण
डीजीपी मुकुल गोयल ने पुलिस लाइन रोड स्थित एडीजी जोन के नवनिर्मित कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एडीजी जोन राजीव कृष्ण, आईजी रेंज नचिकेता झा और एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ बैठक में ऑपरेशन पहचान एप की जानकारी ली। दरअसल एडीजी जोन कार्यालय हाल ही में पुलिस लाइन मार्ग पर नए भवन में शिफ्ट किया गया है। डीजीपी ने कार्यालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के बैठने के कक्ष, कान्फ्रेंस हॉल को देखा। नए भवन को काफी अच्छा बताया। भवन में साफ-सफाई पर खुशी जाहिर की।
1.24 लाख अपराधियों का डाटा फीड
एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि ऑपरेशन पहचान एप अपराधियों के सत्यापन के लिए बनाया गया है। यह पुलिसकर्मियों से लेकर अधिकारियों के मोबाइल में अपलोड किया जा सकता है। इसमें दस साल में किसी न किसी अपराध में शामिल रहे अपराधियों का डाटा फीड है। जोन के आठ जिलों में अपराधियों की संख्या तकरीबन 1.24 लाख है। बीट के सिपाही अपने इलाके के अपराधियों का सत्यापन करते हैं। वह अपराधी के घर पर जाते हैं। उसकी वर्तमान स्थिति का पता करते हैं। ऐसे में बीट का सिपाही सत्यापन में किसी तरह की धांधली भी नहीं कर सकता है। इस पर थाना प्रभारी से लेकर सीओ, एसपी और एसएसपी तक नजर रखते हैं। यही वजह है कि इस एप की मदद से अब तक 91 हजार अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है। आधुनिक पुलिसिंग में यह कारगर साबित होगा।
एक क्लिक पर मिलेगा डाटा
पहले पुलिस किसी अपराधी के बारे में पता करने के लिए थाने के रजिस्टर खंगालती थी। एक थाने से दूसरे थाने में जानकारी ली जाती थी। इसके बाद एसपी आफिस में जानकारी इकट्ठा की जाती थी। इसमें काफी समय खर्च होता था। ऑपरेशन पहचान एप की मदद से एक क्लिक पर अपराधी का डाटा मोबाइल में मिल सकता है। यह पता चल जाएगा कि वह कहां रह रहा है। उसके परिचित और रिश्तेदार कौन लोग हैं। लूट, हत्या, चोरी करने वाले अपराधियों के बारे में भी पता किया जा सकता है। किस इलाके और थाने में कितने अपराधी हैं। किसी अपराधी ने कितने अपराध किए हैं। कितने मुकदमे दर्ज हैं। वह जेल से बाहर कहां रह रहा है। यह भी पता किया जा सकता है। भविष्य में इस एप में और भी जानकारी बढ़ाने की योजना है। इससे थाने के सिपाही से लेकर अधिकारियों को आसानी से जानकारी मिलेगी।